'सचिन पायलट के साथ हैं 80% विधायक', मंत्री गुढा के बयान से फिर चढ़ा राजस्थान का सियासी पारा
राजस्थान कांग्रेस में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच जारी खींचतान कम होने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को जहां गहलोत ने सचिन पायलट को गद्दार बताया था और कहा था कि उसके पास सिर्फ 10 विधायक हैं, उसे कैसे मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। इसी बीच अब राजस्थान के मंत्री आरएस गुढा ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सचिन पायलट को 80 प्रतिशत विधायकों का सपोर्ट है।

समाचार एजेंसी ANI से बातचीत करते हुए गुढा ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पास हाई कमान का सपोर्ट है, इसलिए वो इस पद पर बैठे हैं। पत्रकारों ने जब सचिन पायलट के पास 10 विधायकों के सपोर्ट वाली बात कि तो गुढा ने कहा कि आप वन टू वन करा लो। अगर 80 प्रतिशत से कम विधायक पायलट के सपोर्ट में निकले तो आप हमारा दावा छोड़ देना। गुढा ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सचिन पायलट को गद्दार, नाकारा कुछ भी बोलते रहते हैं। लेकिन मैं आपको बता दूं कि राजस्थान के लिए सचिन पायलट से अच्छा कोई दूसरा नेता नहीं है। अपनी बात को दोहराते हुए गुढा ने कहा कि आप काउंटिंग करा लो, अगर मेरी बात सच नहीं निकली तो मैं दावेदारी छोड़ दूंगा।
आपको बता दें कि इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष पद चुनाव के दौरान भी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच सियासी घमासान मच गया था। क्योंकि कांग्रेस अध्यक्ष पद के नॉमिनेशन से पहले सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग की जा रही थी। जिसके बाद दोनों नेताओं के समर्थक आपस ही भिड़ गए थे। वहीं, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा था कि सचिन पालयट को 90 से ज्यादा विधायकों का सपोर्ट नहीं था। हालांकि, इस विवाद के बाद गहलोत ने कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए नॉमिनेशन नहीं किया था। जिसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए नॉमिनेशन मल्लिकार्जुन खड़गे और शशि थरूर ने किया था। वहीं, बाद में मल्लिकार्जुन खड़गे कांग्रेस अध्यक्ष बने।
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