Rajasthan News: अजमेर डिस्ट्रिक्ट कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, परिसर में मचा हड़कंप
राजस्थान के अजमेर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां जिला एवं सत्र न्यायालय (District Court) को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। इस सूचना के बाद पूरे कचहरी परिसर में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में पुलिस के आला अधिकारी भारी जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे।
धमकी भरा ईमेल मिलने के तुरंत बाद कोर्ट परिसर को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। मौके पर डॉग स्क्वॉड (Dog Squad) और मेटल डिटेक्टर की मदद से एक-एक कमरे और गलियारे की सघन जांच की जा रही है। एहतियात के तौर पर सिविल डिफेंस की टीम और फायर ब्रिगेड को भी तैनात कर दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियां ईमेल के सोर्स का पता लगाने में जुटी हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह किसी की शरारत है या कोई गंभीर साजिश।

सीओ नॉर्थ शिवम जोशी ने कहा, 'हमें एक ईमेल मिला है जिसमें बताया गया है कि हाई कोर्ट में कुछ विस्फोटक सामग्री लगाई गई है। इसी आधार पर, हम अजमेर ज़िला कोर्ट में तलाशी अभियान चला रहे हैं।'
देशभर में बढ़ता 'होक्स' ईमेल का ट्रेंड
अजमेर की यह घटना अकेली नहीं है। पिछले दो सालों में दिल्ली और एनसीआर सहित देशभर के स्कूलों, अस्पतालों और अदालतों को निशाना बनाकर सैकड़ों धमकी भरे ईमेल भेजे गए हैं। दिल्ली पुलिस के बम डिस्पोजल स्क्वॉड (BDS) और बम डिटेक्शन टीम (BDT) के अनुसार, साल 2024 से अब तक 500 से ज्यादा स्कूलों को ऐसे ईमेल मिल चुके हैं।
धमकियों के पीछे की मुख्य बातें:
- जांच में चुनौतियां: अधिकतर ईमेल VPN (Virtual Private Network), प्रॉक्सी सर्वर या टोर नेटवर्क के जरिए भेजे जाते हैं, जिससे भेजने वाले की लोकेशन ट्रैक करना बेहद मुश्किल होता है।
- विदेशी कनेक्शन: कई बार इन ईमेल के तार रूस (mail.ru) या अन्य यूरोपीय देशों के डोमेन से जुड़े पाए गए हैं।
- शरारत या साजिश: जांच में सामने आया है कि कई बार स्कूली छात्र परीक्षा टालने या 'मजे' के लिए भी ऐसे ईमेल भेजते हैं। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियां किसी भी इनपुट को हल्के में नहीं लेतीं।












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