New CM of Rajasthan 2023: राजस्थान चुनाव में BJP जीती तो वसुंधरा के CM बनने में ये 5 नेता बिगाड़ सकते हैं खेल
Rajasthan Election 2023: राजस्थान में विधानसभा के लिए मतदान हो चुका है। अब इंतजार है 3 दिसंबर का जब ईवीएम से जनादेश सबके सामने आएगा। लेकिन फिलहाल जनादेश आने का इंतजार सिर्फ आम जनता करती नज़र आ रही है, क्योंकि बड़ी राजनैतिक पार्टियां बीजेपी और कांग्रेस तो अभी से अपनी जीत मानकर आगे की रणनीति भी तय करने में जुट गई हैं। एक तरफ सीएम अशोक गहलोत ओपीएस, चिरंजीवी, फ्री बिजली, महंगाई राहत शिविर जैसी स्कीमें देकर और लोक-लुभावना घोषण पत्र जनता के समक्ष रखकर राजस्थान में फिर से सरकार बनाने का दांवा कर रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ बीजेपी ने राजस्थान में बम्पर बहुमत से सरकार बनाकर अपनी अगली प्लानिंग की तैयारियों को गति देना भी शुरू कर दिया है।
यही नहीं जहां कांग्रेस में सीएम का फेस अभी भी अशोक गहलोत ही दिखाई दे रहे हैं। वहीं, बीजेपी में इसको लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। खासतौर से बीजेपी में सीएम बनने की होड़ में कुछ राजनेताओं ने जोड़-तोड़ करनी भी शुरू कर दी है। कई बड़े नेता सीएम की रेस में शामिल हैं। सीएम की इस रेस में कई सांसद भी जोड़-तोड़ की राजनीति करते दिखाई दे रहे हैं। लेकिन इन सब पर पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ही सब पर हावी हैं।

लोकसभा के अध्यक्ष की नज़र सीएम की कुर्सी पर
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला शुरू से ही राजस्थान की राजनीति में सक्रिय भूमिका में रहे हैं। ओम बिरला बूंदी कोटा क्षेत्र के सांसद बनकर लोकसभा में पहुंचे और बीजेपी की पूर्ण बहुमत वाली मोदी सरकार में लोकसभा के स्पीकर की गद्दी तक जा पहुंचे हैं। लेकिन अब उनकी नज़र राजस्थान की सीएम की कुर्सी पर है। राजस्थान विधानसभा चुनावों के दौरान ओम बिरला से राजस्थान की गतिविधियों से दूरी बनाई रखी, लेकिन सूत्रों की मानें तो प्रदेश का मुखिया यानि मुख्यमंत्री बनने की चाह में ओम बिरला भी शामिल हैं।
ओम माथुर भी रेस में शामिल
यूपी, गुजरात और महाराष्ट्र के बाद अब छत्तीसगढ़ जैसे राज्य का प्रदेश प्रभारी पद संभालने वाले ओम माथुर भी इन दिनों राजस्थान की राजधानी में डेरा डाले हुए हैं। कमाल की बात यह है कि राजस्थान में विधानसभा चुनावों के दौरान ओम माथुर ने यहां से दूरी बनाई रखी हुई थी। लेकिन 25 नवंबर को मतदान के बाद राजस्थान में फिर से सक्रिय होना ओम माथुर पर भी सवाल उठाता है। ओम माथुर प्रदेशाध्यक्ष भी रह चुके हैं।
गजेंद्र सिंह शेखावत की रणनीति सीएम बनने की
केंद्र की ओर से प्रदेश में बीजेपी के लिए सबसे बड़ा चेहरा बनाने की कोशिश गजेंद्र सिंह शेखावत की थी, लेकिन सीएम अशोक गहलोत के निशाने पर पूरे 5 साल उनके पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट रहे या बीजेपी के गजेंद्र सिंह शेखावत। सीएम ने गजेंद्र सिंह शेखावत के लिए इतना कुछ कहा कि खुद शेखावत को मीडिया के सामने आ कर कहना पड़ा कि सीएम अशोक गहलोत बार बार किसी ना किस बहाने आरोप लगाकर मेरी राजनैतिक हत्या कर रहे हैं।
इसके बाद खुद पीएम मोदी ने उनके क्षेत्र में आकर जनसभा की और उसमें उनके क्षेत्र के विकास कार्यों के लिए करोड़ोंं रुपए दिए। लोकसभा चुनाव 2019 में सीएम अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत को हराने का इनाम मोदी सरकार उन्हें अलग से मंत्रालय बनाकर केंद्र में मंत्री बना चुकी है। वहीं, इस बार चुनावों में टिकटों को लेकर भी केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की चली बताई।
राजगद्दी से सियासी गद्दी पर आने की तैयारी
जयपुर राजघराने की पूर्व राजकुमारी दिया कुमारी भी सीएम की कुर्सी पर आने के सपने देख रही हैं। दिया कुमारी इससे पहले दो बार सांसद रह चुकी हैं और वर्तमान में जयपुर की विद्याधरनगर सीट से बीजेपी की प्रत्याशी बनकर चुनावी मैदान में खड़ी हैं। दिया कुमारी को विधानसभा चुनाव में जीता हुआ कैंडिडेट माना जा रहा है। जयपुर राजघराने से होने और दो बार की संसद दिया कुमारी को भी सीएम कैंडिडेट का प्रबल दावेदार माना जा रहा है।
यूपी की तर्ज पर बाबा बालकनाथ
अलवर की तिजारा विधानसभा सीट से इस बार सांसद बालक नाथ को उम्मीदवार बनाकर विधानसभा चुनाव में उतारा गया है। यूपी की तर्ज पर राजस्थान में भी किसी बाबा को अगर सियासत दी जाए तो सबसे उपयुक्त कैंडिडेट बाबा बालक नाथ हो सकते हैं। लेकिन सूत्रों की मानें तो बाबा बालक नाथ के तिजारा का जीतना इतना आसान नहीं होगा। यहां सबसे ज्यादा वोटिंग भी हुई है।
वसुंधरा राजे को भी था उपराष्ट्रपति बनने का ऑफर
सुनने में यह भी था कि राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे को केंद्र में बैठे दिग्गज भाजपा नेता पसंद नहीं करते हैं। इसलिए उनके राजनैतिक कॅरियर को विराम देने के लिए उन्हें बीच में देश का दूसरा सर्वोच्च पद उपराष्ट्रपति बनने का भी ऑफर दिया गया था, लेकिन केंद्र का यह प्रस्ताव राजे ने ठुकरा दिया। क्योंकि उन्हें फिर से राजस्थान में सक्रिय भूमिका में आने की चाह थी। इसके बाद उपराष्ट्रपति का यह पद जगदीप धनकड़ के पास चला गया।
अब सीएम फेस के लिए राजे की विकल्प!
राजस्थान में अगर विधानसभा चुनाव 2023 में बीजेपी जीतकर आती है तो सीएम रेस में सबसे आगे पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ही हैं। इसकी कई वजह हैं, जैसे सुनने में आ रहा है कि आरएसएस की सर्वे रिपोर्ट में सीएम वसुंधरा राजे को ही चुना गया है। यही नहीं खुद वर्तमान सीएम अशोक गहलोत ने भी कहा है कि अगर उनको और उनकी पार्टी को अगर कोई टक्कर दे सकता है तो वो सिर्फ पूर्व सीएम वसुंधरा राजे हैं।












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