राजस्थान में 45 लाख फर्जी मतदाता के दावे के साथ सुप्रीम कोर्ट पहुंची कांग्रेस, 10 को होगी सुनवाई
जयपुर। कांग्रेस ने राजस्थान में 45 लाख फर्जी मतदाता होने का दावा किया है। इस मामले को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने निर्वाचन आयोग को नोटिस जारी कर फर्जी मतदाताओं को लेकर जवाब तलब किया है। बता दें कि इस मामले में अगली सुनवाई 10 सितंबर को होगी।

गौरतलब है कि कांग्रेस ने करीब एक महीने पहले राजस्थान में 45 लाख फर्जी मतदाता होने का दावा किया था। इस मामले को लेकर पार्टी महासचिव अशोक गहलोत और प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट ने राजस्थान के चुनाव आयुक्त से मुलाकात कर एक ज्ञापन भी सौंपा था। अब सचिन पायलट ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई है, जिसमें उन्होंने चुनाव आयोग और राज्य सरकार को पार्टी बनाया गया है। याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने निर्वाचन आयोग को नोटिस जारी कर फर्जी मतदाताओं को लेकर 10 सितंबर तक जबाव दाखिल करने के लिए कहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने आयोग से पूछा है कि मतदाताओं की छपी हुई मतदाता सूची पार्टियों को क्यों नहीं दी गई हैं। याचिका में सचिन पायलट और कमलनाथ ने राजस्थान, मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ में फर्जी मतदाता होने की बात कही है। याचिका में विधानसभा चुनावों में हर विधानसभा क्षेत्र से दस फीसदी वीवीपीएटी पर्चियों की रैंडम गिनती करने की मांग की है। याचिका में यह भी कहा गया है कि इन पर्चियों का ईवीएम से भी मिलान कराने की व्यवस्था की जाए।
याचिका में कहा गया है कि राजस्थान में 4.75 करोड़ मतदाताओं में से 45 लाख मतदाता फर्जी हैं। इससे पूर्व सचिन पायलट और राजस्थान के दो बार मुख्यमंत्री रहे व राष्ट्रीय कांग्रेस महासचिव अशोक गहलोत निर्वाचन आयोग में इस मामले को लेकर लिखित शिकायत भी दर्ज करावा चुके हैं। कांग्रेस ने एक सर्वे के आधार पर कहा कि मतदाता सूची में हजारों मतदाताओं के नाम दो बार या तीन बार दर्ज हैं।












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