Rajasthan: दिव्या मदेरणा ने हनुमान बेनीवाल पर कसा तंज, कहा-'हम फिर से उठ खड़े होंगे, पैर पकड़कर नहीं उठेंगे'
Rajasthan By-Polls: राजस्थान के लोहावट विधानसभा क्षेत्र में एक सार्वजनिक सभा के दौरान कांग्रेस की युवा नेता दिव्या मदेरणा ने ईमानदारी और आत्मसम्मान के साथ राजनीति करने का संकल्प व्यक्त किया। अपने भाषण में उन्होंने नागौर के सांसद हनुमान बेनीवाल पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए राजनीतिक समझौतों से दूर रहने की अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की। उन्होंने कहा कि मैंने आत्मसम्मान के साथ राजनीति की है। मैंने कोई समझौता नहीं किया है और मैं ऐसा कभी नहीं करूंगी।
अपने राजनीतिक वंश की विरासत का उल्लेख करते हुए दिव्या ने अपने दादा परसराम मदेरणा और पिता महिपाल मदेरणा के किसानों के हित में किए गए कार्यों को याद किया। उनका यह बयान उनकी जड़ों से जुड़ी प्रतिबद्धता और राज्य में किसानों के कल्याण के प्रति उनकी लगन को दर्शाता है।

हनुमान बेनीवाल पर कसा तंज
दिव्या मदेरणा का 5 मिनट 29 सेकंड का यह भाषण सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। उन्होंने बिना नाम लिए हनुमान बेनीवाल की चुनावी रणनीति पर तंज कसा और उनके नागौर व खींवसर में जीत के कम अंतर को इंगित करते हुए कहा कि वह सुबह 4-4 बजे तक लोगों के पैर पकड़ कर बैठे रहते हैं। यह टिप्पणी मदेरणा और बेनीवाल के राजनीतिक नजरिए में अंतर को स्पष्ट करती है।
उन्होंने पिछले चुनाव में ओसियां क्षेत्र में बेनीवाल द्वारा उनकी हार की कोशिशों को भी उजागर किया। मदेरणा ने बेनीवाल की नकारात्मक राजनीति का जिक्र करते हुए कहा कि वह सकारात्मक राजनीति के साथ नए विकास के कारवां को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि हम नए विकास कार्य लाएंगे और जब चुनाव आएंगे तो हम फिर से उठ खड़े होंगे। हम किसी के पैर पकड़कर नहीं उठेंगे।
नई बड़ी लाइन बनाने का आह्वान
अपने भाषण में दिव्या मदेरणा ने राजनीति में नई बड़ी लाइन खींचने की बात की। जो पुराने तौर-तरीकों से अलग हटकर सकारात्मक बदलाव का आह्वान करती है। लोहावट के मतदाताओं को दिए गए संदेश में उन्होंने आत्म-सम्मान और एकता की अपील की। उन्होंने कहा कि अपनी एकता बनाएं और हर नेता आपके स्थान पर आएगा और आपको सलाम करेगा। यदि आप ऐसा नहीं करते हैं तो मेरा नाम बदल दें। यह साहसपूर्ण बयान उनके आत्मविश्वास और सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
ईमानदार राजनीति का संदेश
दिव्या मदेरणा का संदेश अपने राजनीतिक सिद्धांतों से समझौता न करने और नकारात्मक राजनीति से दूर रहने पर आधारित है। उन्होंने कहा कि हमारे भाग्य में जो लिखा है। वह होगा। लेकिन हम राजनीति में समझौता नहीं करेंगे। यह बयान उनके राजनीतिक जीवन की नींव में नैतिकता और लचीलापन का प्रतीक है।
एक नई दिशा का संकेत
दिव्या मदेरणा का यह भाषण लोहावट में नैतिक और ईमानदार राजनीति के लिए एक दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है। उन्होंने जनता से एकता और आत्म-सम्मान का आह्वान करते हुए कहा कि बेहतर भविष्य के लिए सामुदायिक विकास और रचनात्मक राजनीति ही उनकी प्राथमिकता है। उनका यह भाषण सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और कई लोगों के दिलों में जगह बना रहा है।
दिव्या मदेरणा ने अपने संबोधन के माध्यम से एक नई राजनीतिक दिशा का सुझाव दिया है। जो नैतिकता, ईमानदारी और सामुदायिक प्रगति पर आधारित है। उनका दृष्टिकोण राजस्थान की राजनीति में नई लहर लाने की ओर संकेत करता है। जिसे उनकी जनता ने सराहा है।












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