Ram Mandir Special: रामलला के दर्शन करने राजस्थान से स्केटिंग पर ही क्यों आ रहे ये राम भक्त भाई-बहन?
Ram Bhakt Bhai Bahan on skating for Ayodhya: इन दिनों अयोध्या के रास्ते राम भक्तों से अटे पड़े हैं। हर कोई 22 जनवरी 2024 को होने वाले प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शिकरत करके रामलला के दर्शनों को आतुर है। इन्हीं भक्तों में ये दो नन्हे चेहरे भाई-बहन भी शामिल हैं, जो राजस्थान से स्केटिंग करते हुए अयोध्या पहुंच रहे हैं। (वीडियो नीचे)
राजस्थान से राम मंदिर आ रहे नन्हे राम भक्त भाई बहन का नाम सिमरन पटेल व कैलाश पटेल है। ये राजस्थान के जालौर जिले की भीनमाल तहसील के गांव रूचियार के रहने वाले हैं। अपने घर से राम मंदिर तक की करीब 1250 किलोमीटर के यात्रा स्केटिंग से तय कर रहे हैं।

वन इंडिया से बातचीत में स्केटिंग वाले इन राम भक्त भाई-बहन कैलाश पटेल व सिमरन पटेल ने अपनी यात्रा की कठिनाइयों, रोमांच और रामलला के दर्शनों के लिए इस अनूठे कदम के बारे में विस्तार से बताया। इनके साथ में पिता व अन्य लोग भी हैं।
Recommended Video
भीखाराम पटेल कहते हैं कि 22 जनवरी 2024 को राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह हो रहा है। हमने खबरों में पढ़ा था कि एक मुस्लिम महिला पैदल ही अयोध्या जा रहा है। वह मुस्लिम होकर ऐसा कदम उठा सकती है हम क्यों नहीं। हम खुद तो सनातनी हैं। हम भी परिवार समेत पैदल जाएंगे।
पटेल ने घर पर बात की तो बड़े भाई वालाराम पटेल ने कहा कि इतनी सर्दी में परेशान हो जाएंगे। बच्चे छोटे हैं। बाद में भीखराम की 7 साल की बेटी 3 कक्षा की स्टूडेंट सिमरन पटेल व वालाराम का 12 वर्षीय बेटा व 8 कक्षा के स्टूडेंट कैलाश पर राम भक्ति की ऐसी धुन सवार हुई वे अयोध्या जाने की जिद करने लगे।

यह भी पढ़ें- Diya Kumari: क्या दीया कुमारी-प्रेमचंद बैरवा को गंवाना पड़ सकता है डिप्टी CM का पद, जानिए वजह?
सिमरन व कैलाश ने राम मंदिर अयोध्या जाने की जिद के साथ-साथ स्केटिंग करते हुए सफर तय करने की इच्छा जताई। इस पर वालाराम व भीखाराम ने बच्चों को स्केटिंग से जुड़ी आवश्यक सामग्री दिलाई और दो कार लेकर अयोध्या के लिए निकल पड़े। सिमरन व कैलाश स्केटिंग करते हुए चलते हैं। बाकि सदस्य कार में इनके आगे-पीछे।
भीमाराम ने बताया कि रोजाना करीब 100 किलोमीटर दूरी तय करने का लक्ष्य है। 11 जनवरी को गांव के ही नीलकंठ महादेव मंदिर से सफर तय किया था। आज 15 जनवरी को बर ब्यावर के पास पहुंच गए हैं। इससे पहले सड़क टूटी हुई होने और निर्माण कार्य के चलते काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है।
यह भी पढ़ें- Ram Mandir: 20 जनवरी के बाद अयोध्या में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक, स्थानीय लोगों की ऐसे होगी पहचान
सिमरन व कैलाश पर स्केटिंग करते हुए चलते हैं। इनके आगे-पीछे दो कार चलती हैं, जो 15 से 20 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से होती हैं। रास्ते में होटल-ढाबों में रात गुजारत हैं। जान-पहचान वालों के यहां पर भी रुक जाते हैं। सिमरन व कैलाश के पिता सोना-चांदी का काम करते हैं।
नन्हे राम भक्तों के साथ और कौन-कौन?
इनके साथ पिता के अलावा राकू प्रजापत, दोस्ती उर्मी गोस्वामी, उर्मी के पापा सांवलपुरी गोस्वामी आदि भी हैं। ये लोग सिमरन व कैलाश के वीडियो-फोटो लेते हैं। साथ ही इस बात का भी विशेष ध्यान रखते हैं कि सिमरन व कैलाश अपनी कतार में ही चल रहे हों और उनके कपड़ों पर रेडियम की पट्टियां लगी हों ताकि यातायात नियमों का भी पालन किया जा सके।












Click it and Unblock the Notifications