Sangeeta Beniwal Net Worth: करोड़ों की मालकिन हैं संगीता बेनीवाल, 26 साल पुरानी यह परम्परा बना देगी पाली MP?
Sangeeta Beniwal vs PP Chaudhary Pali Rajasthan: आम चुनाव 2024 में पाली लोकसभा सीट पर भी भाजपा-कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर है। दोनों ही पार्टियों ने यहां से जाट उम्मीदवारों पर दांव लगाया है।
पाली सीट से कांग्रेस ने नए चेहरे संगीता बेनीवाल को उतारा है जबकि भाजपा ने दो बार के सांसद पीपी चौधरी को टिकट दिया है। दो अप्रैल को संगीता बेनीवाल ने पाली सीट से नामांकन पत्र दाखिल किया है।

संगीता बेनीवाल ने नामांकन पत्र में अपनी व परिवार की जानकारी के साथ ही संपत्ति का विवरण भी पेश किया है, जिसके अनुसार वे करोड़ों की मालकिन है। इनके पास पति से भी ज्यादा संपत्ति है।
संगीता बेनीवाल कहां की रहने वाली हैं?
- 45 वर्षीय संगीता बेनीवाल की शादी दीपेश सिंह बेनीवाल से हुई है।
- ये 31 गुरु प्रताप येलो वाटर टैंक एयरफोर्स रोड भगत की कोठी जोधपुर की रहने वाली हैं।
- संगीता बेनीवाल की बेटी का नाम यशोनिधि बेनीवाल व बेटे का नाम यशदीप बेनीवाल है।
- संगीता बेनीवाल दो बार राज्य बाल अधिकार संरक्षण की अध्यक्ष रह चुकी हैं।
- जोधपुर देहात महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संगीता बेनीवाल को मिल चुकी है।
संगीता बेनीवाल परिवार की संपत्ति
चल संपत्ति
- खुद के पास-1 करोड़ 7 लाख 60 हजार 59 रुपए
- पति के पास- 19 लाख 11 हजार 345 रुपए
- बेटी के पास-1 लाख 74 हजार 320 रुपए
- बेटे के पास-24 हजार 242 रुपए
अचल संपत्ति
- खुद के पास-77 लाख 50 हजार रुपए
- पति के पास- 4 करोड़ 51 लाख 50 हजार रुपए
- बेटे के पास-30 लाख रुपए
संगीता बेनीवाल का ऋण
खुद के नाम से-15 लाख 77 हजार 783 रुपए
पति के नाम से-57 लाख 78 हजार 790 रुपए
संगीता बेनीवाल की संपत्ति का विवरण
हाथ में नकद-1 लाख 32 हजार रुपए
बैंक खातों में जमा
HDFC- 43 लाख 01 हजार 792 रुपए
म्यूचुअल फंड में निवेश-2 लाख 3 हजार 464
गाड़ी- 18 लाख 26 हजार की टोयटो इनोवा
दोपहिया वाहन-36 हजार 800 की बाइक
सोना-42 लाख कीमत का 800 ग्राम सोना
चांदी-60 हजार कीमत
कौनसी अनूठी परम्परा से जीत सकती संगीता बेनीवाल?
- पाली लोकसभा क्षेत्र में सोजत, पाली, मारवाड़ जंक्शन, बाली, सुमेरपुर, ओसियां, भोपालगढ़ व बिलाड़ा विधानसभा क्षेत्र आते हैं।
- पाली लोकसभा सीट पर 26 साल पहले मतलब साल 1998 से एक अनूठी परम्परा चल रही है, जिसके तहत इस बार एक बार पांच साल के लिए कांग्रेस प्रत्याशी सांसद बनता है। फिर दस साल के लिए भाजपा प्रत्याशी। इसी परम्परा के तहत इस बार नंबर कांग्रेस उम्मीदवार है।
- पाली लोकसभा क्षेत्र में यह परम्परा टूटेगी या कायम रहेगी? यह तो 4 जून को मतगणना से ही लग पाएगा। साल 2014 व 2019 में पाली की जनता ने पीपी चौधरी को सांसद चुना, जो तीसरी बार भी मैदान में उतरे हैं।












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