राजस्थान से चुराई गई बेशकीमती मूर्ति 22 साल बाद यूके से आएगी भारत, जानिए वहां पहुंची कैसे?
जयपुर। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के रावतभाटा में बाड़ौली स्थित घाटेश्वर मंदिर सुर्खियों में है। वजह ये है कि इस मंदिर से 22 साल पहले चुराई गई नटराज शिव की मूर्ति अब वापस आने वाली है। खास बात यह है कि मूर्ति यूनाइटेड किंगडम (UK) से आएगी। लंदन में भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों ने ट्वीट करके इसकी जानकारी दी है।

2003 में पता चला मूर्ति के बारे में
बता दें कि यह बेशकीमती मूर्ति है। मूर्ति 10वीं शताब्दी की बताई जा रही है। वर्ष 1998 में राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के रावतभाटा में बाड़ौली स्थित घाटेश्वर मंदिर से यह मूर्ति चोरी हो गई थी। इसके बाद मूर्ति तस्करों ने विदेश में कहीं बेच दिया। साल 2003 में पता चला कि ये मूर्ति यूनाइटेड किंगडम (UK) में तस्करी कर दी गई थी। मूर्ति को वहां के एक शख्स ने अपने प्राइवेट कलेक्शन में शामिल कर लिया था।

2005 में लंदन के इंडियन हाई कमीशन को दी मूर्ति
ये पता चलने के बाद यूके में भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों ने वहां की सरकार से बातचीत की और साल 2005 में लंदन के इंडियन हाई कमीशन को ये मूर्ति उस शख्स ने वापस कर दी। तब से इसे लंदन में इंडियन हाई कमीशन के दफ़्तर ‘इंडिया हाउस' में प्रदर्शन के लिए रख लिया गया था।
मूर्ति भारत में ASI के सुपुर्द होगी
साल 2017 में आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया (ASI) ने जांच करके साबित किया कि ये वही मूर्ति है, जो साल 1998 में राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के रावतभाटा में बाड़ौली स्थित घाटेश्वर मंदिर से चुराई गई थी।इसके बाद मूर्ति के भारत वापस लाने की प्रक्रिया शुरू की गई। 29 जुलाई 2020 को लंदन में भारतीय उच्चायोग के अधिकारी ने ट्वीट करके जानकारी दी कि 22 साल पहले भारत से चुराई गई नटराज शिव की मूर्ति देश वापस आ रही है। 30 जुलाई, 2020 को ये मूर्ति भारत में ASI के सुपुर्द कर दी जाएगी।












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