गुजरात SOG टीम राजस्थान से फिल्मी स्टाइल में पकड़कर ले गई 38 साल पुराना मोस्ट वांटेड
बाड़मेर। राजस्थान के सरहदी जिले बाड़मेर के गांव गडरारोड पुलिस थाना इलाके के गांव बिजावल के शक्तिदान सिंह को हर कोई सामान्य व्यक्ति ही समझता था, मगर लोगों का यह भ्रम शुक्रवार सुबह दूर हो गया।

परिजनों को लगा अपहरण हो गया
दरअसल, शक्तिदान गुजरात में तीन हत्याएं करने के साथ-साथ बैंक में डकैती डाल चुका था और यह राज वह अपने सीने में बीते 38 साल से छुपाए था। पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब बाड़मेर पुलिस शक्तिदान सिंह के अपहरण की सूचना पर हरकत में आई और नाकाबंदी करके गुजराज एसओजी टीम को पकड़ा।

बाड़मेर पुलिस ने तुरंत की नाकाबंदी
बाड़मेर एसपी आनन्द शर्मा ने बताया कि शुक्रवार सुबह जिले से बिजावल से इत्तला मिली कि शक्तिदान सिंह का कोई अपहरण करके ले गया। इस पर गडरारोड समेत पूरे बाड़मेर जिले की पुलिस तुरंत अलर्ट मोड पर आ गई। जिलेभर में पुलिस ने नाकाबंदी कर दी।

गुजरात पुलिस अधिकारियों से किया सम्पर्क
तब नाकाबंदी के दौरान वो लोग हत्थे चढ़े जो अपने साथ शक्तिदान सिंह को लेकर जा रहे थे। पुलिस पूछताछ में उन लोगों ने खुद को गुजरात एसओजी की टीम बताई। इस पर पुलिस उनको थाने लेकर आ गई। फिर गुजरात पुलिस अधिकारियों से सम्पर्क किया हकीकत पता कि तो वो गुजरात एसओजी टीम ही निकली।

अकबरगढ़ में दिया वारदात को अंजाम
एसओजी टीम ने बाड़मेर पुलिस को बताया कि 1982 में गुजरात के अकबरगढ़ में बैंक डकैती और तीन लोगों की हत्या हुई थी। उस वारदात को अंजाम देने के बाद से शक्तिदान सिंह फरार चल रहा था। 38 साल से गुजरात पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। गुजरात एसओजी को उक्त मामले में शक्तिदान सिंह की संलिप्तता संबंधी कागजात बाड़मेर पुलिस को दिखाने पर उन्हें आरोपी को अपने साथ लेकर जाने दिया गया।












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