'हिरासत, हंगामा और प्रसाद': जयपुर में IIT बाबा का हाई-वोल्टेज ड्रामा, होटल में गांजे के साथ पकड़े गए अभय सिंह
IIT baba Abhay Singh: महाकुंभ मेले में अचानक सुर्खियों में आए 'आईआईटी बाबा' अभय सिंह एक बार फिर चर्चा में हैं। जयपुर के एक होटल में गांजा रखने के आरोप में हिरासत में लिए गए इस अनोखे बाबा का दावा है कि यह उनके लिए 'प्रसाद' है।
पुलिस को सूचना मिली कि रिद्धि-सिद्धि इलाके के एक होटल में ठहरे बाबा हंगामा कर रहे हैं। मौके पर पहुंची टीम ने उनके पास से गांजा बरामद किया, हालांकि यह इतनी कम मात्रा में था कि कानूनी सीमा के भीतर होने के कारण उन्हें कुछ समय बाद छोड़ दिया गया। बावजूद इसके, उन पर नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।

IIT baba Abhay Singh: आत्महत्या करने की पुलिस को मिली सूचना
एसएचओ शिप्रापथ पुलिस स्टेशन, राजेंद्र गोदारा ने कहा, "हमें यह सूचना मिली थी कि वह (बाबा अभय सिंह उर्फ आईआईटी बाबा) एक होटल में रह रहे हैं और वह आत्महत्या कर सकते हैं। जब हम वहां पहुंचे, तो उसने कहा कि मैं 'गांजा' का सेवन करता हूं, मेरे पास अभी भी यह है, और हो सकता है कि मैंने बेहोश होने पर कुछ कहा हो।"
पुलिस अधिकारी ने आगे कहा कि 'गांजा' रखना एनडीपीएस अधिनियम के तहत एक अपराध है। इसलिए, हमने उसे गिरफ्तार कर लिया। कम मात्रा के कारण, हमने उससे पूछताछ की और फिर जमानत बॉन्ड पर छोड़ दिया। उनके अनुयायियों ने पुलिस को सूचित किया कि वह आत्महत्या करने जा रहा थे क्योंकि उसने सोशल मीडिया पेजों पर कुछ पोस्ट किया था। अगर जरूरत पड़ी, तो उसे पूछताछ के लिए फिर से बुलाया जाएगा।
IIT baba Abhay Singh: 'गांजा हमारी परंपरा का हिस्सा'
हिरासत से छूटने के बाद बाबा ने दावा किया कि वे एक अघोरी परंपरा का पालन कर रहे हैं, जिसमें गांजा का सेवन कोई अपराध नहीं है। उन्होंने पत्रकारों से कहा, "यह प्रसाद है, ना कि कोई प्रतिबंधित पदार्थ!" वहीं मीडिया से बात करते हुए आईआईटी बाबा ने कहा कि अभी मेरे पास इस बारे में कहने के लिए कुछ नहीं है। आज मेरा जन्मदिन है और मैं आज खुश रहना चाहता हूं।
IIT baba Abhay Singh: इंजीनियर से बाबा बनने की कहानी
अभय सिंह, जो कभी आईआईटी-बॉम्बे के होनहार एयरोस्पेस विशेषज्ञ थे, आध्यात्मिकता की खोज में संन्यासी बन गए। महाकुंभ में अघोरी साधुओं के बीच रहकर उन्होंने "आईआईटी बाबा" के नाम से पहचान बनाई। सोशल मीडिया पर उनके तीन लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं और उनका एक वायरल इंटरव्यू उन्हें इंटरनेट सेंसेशन बना चुका है।
परिवार से दूरी और आध्यात्मिकता की ओर झुकाव
कई इंटरव्यू में अभय सिंह ये बता चुके हैं कि उनका बचपन संघर्षों से भरा था। परिवार से मिले तिरस्कार के कारण वे फोटोग्राफी और आध्यात्मिकता की ओर मुड़े। धीरे-धीरे उन्होंने सांसारिक जीवन त्यागकर संत बनने का फैसला किया।












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