राजस्थान विधानसभा में गूंजा-'मदन नहीं तो सदन नहीं', जानिए कौन हैं निलंबित MLA Madan Dilawar?
Madan nahi to sadan Nahi: कांग्रेस सरकार में पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा और भाजपा विधायक मदन दिलावर को एक साथ निलंबित किया गया था। मदन दिलावर के निलंबन पर राजस्थान विधानसभा में 'मदन नहीं तो सदन नहीं' के नारे गूंजे।
Madan nahi to sadan Nahi: राजस्थान विधानसभा का मानसून सत्र काफी हंगामेदार रहा है। पहले राजेंद्र गुढ़ा की लाल डायरी और अब 'मदन नहीं तो सदन नहीं' के नारे को लेकर जोरदार हंगामा हुआ है।
राजस्थान विधानसभा में बुधवार को कार्यवाही शुरू होते ही भाजपा विधायक दल ने मदन दिलावर के निलंबन का मुद्दा उठाया। नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कोटा जिले में रामगंज मंडी से भाजपा विधायक मदन दिलावर का निलंबन रद्द करने की अपील की।

विपक्ष के विधायकों ने 'मदन नहीं तो सदन नहीं', 'मदन दिलावर का निलंबन वापस लो' और 'वंदे मातरम' के नारे लगाए। राजस्थान विधानसभा में प्रश्नकाल में विधायक मदन दिलावर के निलंबन का मुद्दा उठाने पर सत्तापक्ष के विधायकों ने विरोध जताया। ऐसे में सत्तापक्ष व विपक्ष के बीच जोरदार हंगामा हुआ।
हंगामे देख राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी ने कहा कि संसदीय परम्पराओं के निर्वहन में राजस्थान विधानसभा पूरे भारत में आदर्श रही है। प्रश्नकाल से इतर कोई भी सवाल या मुद्दा हो वो शून्य काल में उठाए जा सकते हैं, लेकिन प्रश्नकाल में व्यवधान डालने की परम्परा यहां की नहीं है। स्पीकर ने विधायक निलंबन पर शून्यकाल में बात उठाने की अनुमति दी, तब जाकर प्रश्नकाल में हंगामा शांत हुआ और आगे की कार्यवाही जारी रही।
नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने विधानसभा में कहा कि 24 जुलाई को जब राजस्थान विधानसभा में लाल डायरी प्रकरण पर हंगामा हो रहा था तब भाजपा विधायक मदन दिलावर वेल में आए जरूर थे, लेकिन उन्होंने किसी का भी माइक छीनने का प्रयास नहीं किया था। इसलिए उनको निलंबित किए जाना सही नहीं है। उनका निलंबन रद्द होना चाहिए।
मदन दिलवार का जीवन परिचय
- मदन दिलावर का जन्म 11 मई 1959 को हुई। कोटा जिले की रामगंजमंडी सीट से भाजपा विधायक मदन दिलावर ने राजस्थान विधासभा चुनाव 2018 में मदन दिलावर 12879 वोटों के अंतर से चुनाव जीता।
- मदन दिलावर की पत्नी का नाम सूरज दिलवार है। इनके पांच बच्चे हैं। मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा प्राप्त करने वाले मदन दिलावर मूल रूप से अरदाना, चढना, अतरूओ के रहने वाले हैं।
- वर्तमान में कोटा में निवास करने वाले मदन दिलावर लोगों की पेयजल की समस्या दूर नहीं होने पर वे तकिया-चादर लेकर कलेक्ट्रेट पहुंच गए थे।
- साल 2021 में मदन दिलावर रामगंजमंडी उपखंड क्षेत्र के मंडा गांव में प्रशासन गांवों के संग शिविर में ग्रामीणों से हुई तकरार में कह दिया था कि 'हां, मैं खटीक हूं, बहुत बकरे काटे हैं'












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