LokSabha Election: चित्तौड़गढ़ से सीपी जोशी और जोधपुर से गजेन्द्र सिंह फंस गए टिकट लेकर ? जानिए वजह
LokSabha Election: भाजपा की ओर आज लोकसभा चुनावों को लेकर राजस्थान की 25 सीटों में से 15 सीटों पर प्रत्याशियों के नामों का ऐलान कर दिय़ा।
लेकिन अब इन 15 नेताओं के नामों से ज्यादा चर्चा भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह राठौड़ के नामों की हो रही है।

इन दोनों ही नेताओं का विधानसभा चुनावों से लेकर वर्तमान में लगातार विरोध और गतिरोध जारी है। चित्तौड़गढ़ में जहां चद्रभान सिंह आक्या का टिकट कटने पर हजारों समर्थको ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष और चित्तौड़गढ़़ से सांसद प्रत्याशी सीपी जोशी का विरोध जताया था।
उसके बाद से ही सीपी जोशी के नाम और उनकी कार्यशैली को लेकर भाजपा के एक गुट में ज्यादा ही विरोध और आक्रोश बना हुआ है।
ऐसे में अब सियासी गलियारों में यह सवाल उठ रहा है कि क्या चित्तौड़गढ़ से टिकट लेकर सीपी जोशी फंस गए है। क्या अब चंद्रभान सिंह आक्या सहित विरोधी खेमे के नेता और कार्यकर्ता सांसद प्रत्याशी के साथ भाजपा प्रदेशाध्यक्ष और दो बार से लगातार सांसद सीपी जोशी के साथ कदम से कदम मिला पाएंगे।
वहीं दूसरी ओर राजस्थान की सूर्य नगरी जोधपुर से केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को भी सांसद का टिकट देकर प्रत्याशी बनाया है। शेखावत के समर्थकों में उत्साह जरूर है लेकिन विरोधी खेमे के नेता और कार्यकर्ता पिछले कई महीनों से लगातार गजेंद्र सिंह शेखावत का विरोध प्रदर्शन कर रहे है।
बिते दिनों जब राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री कन्हैया लाल चौधरी जोधपुर दौरे पर कार्यकर्ताओं से मिलने पहुंचे तो केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का इतना प्रखर तरीके से विरोध जताया कि मंत्री कन्हैयालाल चौधरी को पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच सर्किट हाउस पहुंचाया गया।
विरोध खेमे के नेता और कार्यकर्ताओं ने हाथों में पोस्टर लेकर नारेबाजी की थी "मोदी तुझसे बैर नहीं गजेंद्र तेरी खेर नहीं" ऐसे में इन दोनों ही दिग्गज नेताओं के लिए जीत की राह उतनी आसान नजर नहीं आ रही है।
जब प्रधानमंत्री मोदी से लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने राजस्थान में मिशन 25 के साथ हैट्रिक लगाने का टारगेट प्रदेश की भाजपा के साथ सभी दिग्गज नेताओं को दिया है।












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