भेड़ के बच्चे की कीमत एक करोड़ रुपए, फिर भी नहीं बेच रहा मालिक, जानिए वजह
एक करोड़ की कीमत वाला यह मिंडा (भेड़ का बच्चा) राजस्थान के चूरू जिले के तारानगर निवासी चरवाहा राजू सिंह के पास है। इसके शरीर पर उर्दू में 786 अंक लिखा हुआ है।
बकरीद 2023 के मौके पर बकरों की बोली लाखों रुपयों में पहुंची। कई बकरे सुर्खियां बने। ऐसा ही मामला राजस्थान के चूरू जिले के तारानगर में सामने आया है। यहां पर एक करोड़ का मेमना चर्चा का विषय बना हुआ है।
भेड़ के इस बच्चे के लोग 70 लाख रुपए से लेकर एक करोड़ रुपए देने का तैयार हैं। फिर भी मालिक इसे बेचने नहीं चाहता। इसे अपने बच्चों की तरह लाड-प्यार से पाल रहा है।

एक करोड़ के मिंडे को सुरक्षा के लिहाज से मालिक अपने साथ कमरे में रखता है। बाहर जाता है तो कमरे के ताला लगाता है। वजह ये है कि इस मिंडे के शरीर पर उर्दू में 786 अंक लिखा हुआ है। 786 अंक की मुस्लिम समाज में काफी मान्यता है।
मीडिया से बातचीत में चरवाहा राजू सिंह ने बताया कि वह बीते 25 साल भेड़-बकरियां पाल रहा है। ऐसा पहली बार हुआ उसके एक मिंडे की कीमत से एक करोड़ रुपए तक पहुंची है।
सालभर पहले एक मादा भेड़ ने इस मिंडे को जन्म दिया था और आज उसी नर भेड़ के बच्चे की बोली लोगों ने 70 लाख से शुरू की और एक करोड़ रुपए तक लगा दी। वह इसे बेचना नहीं चाहता।

राजू सिंह कहते हैं कि पहले तो वह मिंडे के शरीर पर उर्दू में लिखे 786 अंक को समझ नहीं पाया। उसे किसी ने बताया तो गांव के कुछ मुस्लिम समाज के बड़े बुजुर्गों को दिखाया तो उन्होंने मिन्डे के पेट पर 786 लिखा बताया।
इसके बाद यह बात मुस्लिम समाज में तेजी से फैल गई और मिंडे के खरीदार बढ़ते जा रहे हैं। किसी ने इसकी 70 लाख रुपए तो किसी ने एक करोड़ कीमत भी लगाई है। राजू ने बताया कि वे मिंडे को अनार, पपीता, बिंदोला, बाजरा और हरी सब्जियां खिलाई जा रही है।












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