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उदयपुर के 'राजकुमार' ने ओडिशा की 'राजकुमारी' से बोला-I Love You तो सिटी पैलेस में टूटा 37 साल का रिकॉर्ड

Lakshyaraj Singh Mewar Love Story: राजस्‍थान के उदयपुर में महाराणा प्रताप के वंशज इन दिनों सुर्खियों में हैं। उदयपुर के 'राजकुमार' लक्ष्‍यराज सिंह मेवाड़ ने अपने चचेरे भाई विश्‍वराज सिंह मेवाड़ को 25 नवंबर 2024 को राजतिलक के बाद धूणी माता के दर्शन करने के लिए सिटी पैलेस (राज महल) में प्रवेश करने से रोक दिया, जिस पर खूब बवाल मचा। बात अगर लक्ष्‍यराज सिंह मेवाड़ की निजी जिंदगी की करें तो इनकी रॉयल लव स्‍टोरी काफी रोचक है।

लक्ष्‍यराज सिंह मेवाड़ को ओडिशा के बालांगीर के पूर्व राज परिवार की राजकुमारी निवृत्ति कुमारी देव से प्‍यार हुआ और फिर दोनों ने शादी की तो उदयपुर के सिटी पैलेस में 37 साल का रिकॉर्ड टूट गया। तब सिटी पैलेस में किसी बहूरानी के कदम 37 साल बाद पड़े थे। यहां निवृत्ति कुमारी से पहले लक्ष्‍यराज सिंह मेवाड़ की मां कच्छ की राजकुमारी विजया बहू बनकर आई थीं।

Lakshyaraj Singh Mewar Love Story

लक्ष्‍यराज सिंह मेवाड़ व निवृत्ति कुमारी ने होटल में किया काम
स्‍कूल-कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने अपना करियर एक वेटर के तौर पर शुरू किया। ऑस्ट्रेलिया के कई होटल्स और कैफे में काम किया। उधर, ओडिशा के बालांगीर की राजकुमारी निवृत्ति कुमारी सिंह ने विदेश से पढ़ाई करके साल 2010 में भारत लौटीं और होटल ताज में बतौर कंसल्टेंट काम करने लगीं।

Lakshyaraj Singh Mewar udaipur

लक्ष्‍यराज सिंह मेवाड़ की प्रेम कहानी
Nivritti Kumari Mewar नाम की फेसबुक आईडी से 22 सितंबर 2013 को एक पोस्‍ट की गई है, जिसमें लक्ष्‍यराज सिंह मेवाड़ व निवृत्ति कुमारी की तस्‍वीर है। दोनों ने होटल में काम करने के दौरान पहने जाने वाले कपड़े पहन रखे हैं। मीडिया खबरों की मानें तो इनकी शाही शादी 21 जनवरी 2014 को भुवनेश्‍वर में हुई। मतलब यह है कि शादी से पहले ही लक्ष्‍यराज सिंह मेवाड़ व निवृत्ति कुमारी एक-दूसरे को दिल दे बैठे थे।

निवृत्ति कुमारी का जीवन परिचय
बता दें कि मेवाड़ पूर्व राजपरिवार की 'महारानी' निवृत्ति कुमारी ओडिशा के बालांगीर घराने के कनकवर्द्धन सिंह देव और संगीता सिंह की इकलौती बेटी हैं। निवृत्ति कुमारी ने दिल्ली के कॉन्वेंट स्कूल में पढ़ाई की। फिर स्विट्जरलैंड में हॉस्पिटैलिटी, फाइनेंस और रेवेन्यू मैनेजमेंट में डिग्री हासिल की है। साल 2010 में भारत लौटीं थी। इनकी मां संगीता सिंह दो बार सांसद रह चुकी हैं।

Lakshyaraj Singh Mewar wife child

लक्ष्‍यराज सिंह मेवाड़ का जीवन परिचय
उदयपुर के 'राजकुमार' लक्ष्यराज का जन्म 28 जनवरी 1985 में 'महाराजा' अरविंद सिंह मेवाड़ के घर हुआ। अजमेर के मेयो कॉलेज से स्‍कूली शिक्षा लेने के बाद लक्ष्‍यराज सिंह मेवाड़ ने ऑस्ट्रेलिया के एक कॉलेज से स्‍नातक की डिग्री व सिंगापुर हॉस्पिटेलिटी का कोर्स किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद लक्ष्यराज सिंह ने ऑस्ट्रेलिया के कई होटल्स और कैफे में काम किया। वेटर के तौर पर अपना कॅरियर शुरू किया। बाद में उदयपुर लौट आए और अपना फैमिली बिजनेस संभाल लिया। उदयपुर सिटी पैलेस के एक हिस्‍से शाही होटल बना रखा है।

Lakshyaraj Singh Mewar with wife

लक्ष्‍यराज सिंह का विश्‍वराज सिंह से क्‍या विवाद?

  • मेवाड़ के पूर्व राज परिवार के लक्ष्‍यराज सिंह व विश्‍वराज सिंह एक ही दादा के पोते हैं। दादा का नाम भगवंत सिंह मेवाड़ है, जो साल 1955 में महाराणा बने थे।
  • भगवंत सिंह मेवाड़ के दो बेटे हुए। लक्ष्‍यराज सिंह के पिता अरविंद सिंह मेवाड़ व विश्‍वराज सिंह के पिता महेंद्र सिंह मेवाड़। भगवंत सिंह मेवाड़ महाराणा बने थे तब अपनी पैतृक संपत्तियों को बेचना या लीज पर देना शुरू किया था।
  • भगवंत सिंह मेवाड़ अपनी पैतृक संपत्तियों को बेचना या लीज पर देना शुरू किया तो बड़े बेटे महेंद्र सिंह ने विरोध जताया और अपना हिस्‍सा लेने के लिए कोर्ट चले गए। महेंद्र सिंह व अरविंद सिंह में मनमुटाव उसी वक्‍त से शुरू हो गया था।
  • विवाद तब और बढ़ गया था जब भगवंत सिंह ने 15 मई 1984 को अपनी वसीयत में छोटे बेटे अरविंद सिंह को संपत्तियों का एक्ज्यूक्यूटर बनाया। साथ ही महेंद्र सिंह को ट्रस्ट और संपत्ति से बेदखल कर दिया गया। ऐसे में उदयपुर का सिटी पैलेस (राजमहल) अरविंद सिंह मेवाड़ के पास आ गया।
  • 3 नवंबर 1984 को भगवंत सिंह का निधन हो गया था। अब 10 नवंबर 2024 को उनके बेटे महेंद्र सिंह मेवाड़ का भी निधन हो गया। तब महेंद्र सिंह मेवाड़ के बेटे विश्‍वराज सिंह मेवाड़ के 25 नवंबर 2024 को राजतिलक किया गया।
  • राजतिलक के बाद राजशाही परंपरा के अनुसार विश्‍वराज सिंह मेवाड़ को उदयपुर सिटी पैलेस स्थित कुलदेवी धूणी माता के दर्शन करने थे। वे अपने समर्थकों के साथ सिटी पैलेस पहुंचे तो पुराने पारिवारिक विवाद के चलते अरविंद सिंह मेवाड़ व उनके बेटे लक्ष्‍यराज सिंह मेवाड़ ने सिटी पैलेस का दरवाजा बंद कर दिया, जिस पर खूब बवाल मचा।

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