Khatu Mela 2024: सौ साल में इतना बदल गया खाटूधाम, मंदिर की 80 साल पुरानी फोटो वायरल
Khatu Shyam Mandir Old Photo: राजस्थान के सीकर जिले के खाटू कस्बे में स्थित खाटूश्यामजी का फाल्गुना लक्खी मेला 11 मार्च 2024 से शुरू होगा, जो 21 मार्च तक चलेगा।
खाटूश्यामजी मंदिर की सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वर्षों से वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जाता रहा है कि खाटूधाम के गर्भगृह की यह ब्लैक एंड व्हाइट फोटो 80 साल पुरानी हो है। कई इसे सौ साल पुरानी बताते हैं।

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बाबा श्याम के फाल्गुन लक्खी मेले के मौके पर जानिए बीते दशकों में खाटूधाम में क्या-क्या बदल गया।
1. विशाल हुआ खाटूश्यामजी का मंदिर
श्री श्याम मंदिर कमेटी के अनुसार खाटूश्यामजी में बाबा श्याम के मंदिर की स्थापना सन् 1777 ईस्वी में हुई। वायरल फोटो में भी देखा जा सकता है कि खाटूधाम में बाबा श्याम का मंदिर छोटा सा था। हालांकि गर्भगृह तो अब भी पहले जितना ही है, मगर खाटूश्यामजी मंदिर अब विशाल हो गया।
2. डेढ़ घंटे में होंगे बाबा श्याम के दर्शन
पिछले कुछ सालों में फाल्गुन लक्खी मेले में आने वाले भक्तों को बाबा श्याम के दरबार में पहुंचकर दर्शन करने में आठ से दस घंटे का वक्त लग जाता था, मगर साल 2024 के लक्खी मेले में महज डेढ़ घंटे में दर्शन हो जाएंगे। पहले खाटू द्वार से श्याम भक्तों को चार लाइनों से होकर गुजरना पड़ता था। इसलिए कई घंटे लगते थे, मगर अब 14 मुख्य लाइन बना दी गई, जिनसे दर्शनों में अब पहले की तुलना में कम समय लगेगा।

3. खाटूधाम में 3000 होटल-धर्मशालाएं
एक वक्त था जब खाटूश्याम जी मंदिर के आस-पास दूर-दूर तक का इलाका खाली पड़ा था। लक्खी मेले में आने वाले श्याम भक्त पेड़ों की छांव में ही डेरा डाल लिया करते थे। वहीं, आराम करके थ्कान मिटाते। अब खाटूश्यामजी में होटलों व धर्मशालाओं की 3000 को पार कर गई।
4. इस बार 40 लाख श्याम भक्तों आएंगे
बाबा श्याम के भक्तों का आंकड़ा साल दर साल बढ़ता जा रही है। साल 2024 के फाल्गुन मेले में 40 लाख श्याम भक्त पहुंचने का अनुमान है। खाटू पहुंचने वाले रास्तों पर अभी से श्याम भक्तों की पदयात्राएं नजर आने लगी हैं।

5. श्याम भक्तों को मिलेगी फ्री पार्किंग
पहले श्याम भक्त ऊंटगाड़ी और बैलगाड़ी में सवार होकर खाटूधाम पहुंचते थे, मगर अब कार, बस समेत बड़ी संख्या में अन्य साधन लेकर पहुंचने लगे हैं। लक्खी मेले में श्याम भक्तों को निशुक्ल पार्किंग सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है।
6. अब हर एकादशी को लगता मेला
श्याम भक्तों के लिए फाल्गुन मास की एकादशी को भरने वाला मेला खासा मायने रखता है। हर साल फाल्गुन मेले में लाखों श्याम भक्त उमड़ते थे, मगर अब तो आस्था का आलम यह है कि हर माह एकादशी पर खाटूधाम में लक्खी मेला सा भरता है।
7. अब रींगस तक भरने लगा मेला
खाटूधाम में 1986 को श्री श्याम मंदिर कमेटी बनी। साल 1995 में कमेटी का विधान बना। मंदिर परिसर के आस-पास ही भरने वाला मेला साल 2000 से मुख्य बाजार स्थित (कबुतरिया चौक) तक भरने लग गया और वर्तमान में खाटू मंदिर से 16 किलोमीटर पहले स्थित रींगस तक विस्तार पा लिया।












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