Shaheed Jai Singh : झुंझुनूं का जवान जयसिंह शहीद, बांगड़वा परिवार ने सालभर में खो दिए दोनों फौजी बेटे
भारतीय सेना के जवान जयसिंह वीरगति को प्राप्त हो गए। गुरुवार सुबह जयसिंह का फिजिकल टेस्ट के दौरान हार्ट अटैक से इनका निधन हो गया। जयसिंह इन दिनों 106 पैरा (टीए) एयरबोर्न बेंगलुरु सेंटर में तैनात थे। शहीद की पार्थिव देह शुक्रवार को उनके गांव दुड़िया पहुंचेगी। राजस्थान के झुंझुनूं जिले के गुढ़ागौड़जी इलाके के गांव दुड़िया में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

30 नवंबर 2021 को पिंटू शहीद हो गए थे
ताराचंद बांगड़वा के परिवार से एक साल में यह दूसरी शहादत है। ताराचंद के छोटे बेटे पिंटू कुमार बांगड़वा भी इन्हीं की यूनिट में भर्ती हुए थे। रूटीन ट्रेनिंग के दौरान पिंटू जंप के दौरान घायल हो जाने के कारण 30 नवंबर 2021 को पिंटू शहीद हो गए थे। दुड़िया गांव में 30 नवंबर 2022 को शहीद पिंटू की प्रतिमा का अनावरण होने वाला था। प्रतिमा अनावरण से पहले ही बड़े भाई की भी मौत हो गई।

6 साल तक जम्मू के खुनमू क्षेत्र में तैनात रहे
बता दें कि जय सिंह 16 दिसंबर 2011 को 106 पैरा (टीए) एयरबोर्न यूनिट में भर्ती हुए थे। 2013 तक बेंगलुरु की इसी यूनिट में अपनी ट्रेनिंग पूरी की। इसके बाद वे 6 साल तक जम्मू के खुनमू क्षेत्र में तैनात रहे। इन्हीं की यूनिट में पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी भी बतौर लेफ्टिनेंट कर्नल रहे। 31 जुलाई 2019 को एमएस धोनी अपनी यूनिट 106 पैरा टीए में खुनमू श्रीनगर पहुंचे।पांच दिन धोनी ने अपनी यूनिट के साथ ही ट्रेनिंग की थी।

शहीद जयसिंह के सात साल की एक बेटी
उल्लेखनीय है कि शहीद जयसिंह शादीशुदा थे। इनके सात साल की एक बेटी है। एक भाई व एक बहन है। बांगड़वा परिवार मैलाना जोहड़ के पास खेत में मकान बनाकर रह रहा है। पूरे इलाके में इस बात की चर्चा है कि इस परिवार ने महज सालभर के अंदर ही अपने दोनों फौजी बेटों को खो दिया।












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