Jaipur Bus Fire: जयपुर में हाईटेंशन लाइन से टकराई मजदूरों से भरी बस, आग लगने से दो की मौत, कैसे हुआ यह हादसा?

Jaipur Bus Fire Accident: देश में कुरनूल बस हादसे की आंच अभी ठंड़ी भी नहीं हुई थी कि राजस्थान के जयपुर जिले के मनोहरपुर इलाके में मंगलवार, 28 अक्तूबर की सुबह एक और दर्दनाक अग्निकांड हुआ जिसने दो कई जिंदगिया तबाह कर दी । मजदूरों से भरी एक बस हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आ गई, जिसके बाद बस में भीषण आग लग गई।

इस हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 10 से अधिक लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। कई घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है, जिन्हें जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल रेफर किया गया है।

jaipur-bus-accident-2-dead-10-injured-labour

कैसे हुआ हादसा?

जानकारी के मुताबिक, यह बस मजदूरों को लेकर टोडी स्थित ईंट भट्टे की ओर जा रही थी। रास्ते में बस का ऊपरी हिस्सा अचानक सड़क के किनारे से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन से टकरा गया। संपर्क होते ही चिंगारियां निकलीं और कुछ ही सेकंड में बस में आग लग गई।

बस में मौजूद मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई। कई लोग बस के अंदर ही फंस गए, जबकि कुछ ने खिड़कियों और पिछले दरवाजे से कूदकर जान बचाई। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए बस के दरवाजे तोड़े और घायलों को बाहर निकालने की कोशिश की।

स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। थोड़ी देर में दमकल की गाड़ियां और पुलिस मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया गया। जयपुर जिला कलेक्टर जितेंद्र सोनी और सिविल डिफेंस की टीम भी मौके पर पहुंची। SMS अस्पताल प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है, ताकि सभी घायलों का तत्काल इलाज हो सके।

घायलों का इलाज जारी

अस्पताल सूत्रों के अनुसार, कई मजदूर 60 से 80 फीसदी तक झुलस चुके हैं। घायलों को आपातकालीन वार्ड में भर्ती किया गया है। डॉक्टरों की टीम लगातार इलाज में जुटी है। मृतकों की पहचान अभी नहीं हो पाई है, पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह हाईटेंशन लाइन पिछले कई सालों से इस मार्ग के बेहद करीब से गुजर रही है। उन्होंने कई बार प्रशासन और बिजली विभाग से इसे हटाने की मांग की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासन की लापरवाही की वजह से ये हादसा हुआ है।

देश में लगातार बढ़ रहे बस हादसे

पिछले 15 दिनों में देशभर में यह पांचवां बड़ा बस हादसा है। हाल ही में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, और बिहार में भी इसी तरह के हादसों में कई लोगों की जान जा चुकी है। सड़क और बिजली सुरक्षा से जुड़ी ऐसी घटनाओं ने प्रशासन की जिम्मेदारी पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे हादसे तभी रुक सकते हैं जब हाईटेंशन लाइनों और ग्रामीण मार्गों पर सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+