हनी ट्रैप: पहले प्रेमजाल में फंसाया,फिर होटल बुलाकर पीटा,मौत हुई तो चढ़ा गिरोह हत्थे,जानिए खबर
Rajasthan News: उदयपुर में हनीट्रैप का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिसमें एक युवक को प्रेमजाल में फंसाकर पहले होटल बुला लिया फिर गैंग के साथियों ने पीटकर हत्या कर दी।
राजस्थान सहित देशभर में सक्रिय हनीट्रैप गिरोह की जद में लगातार युवा आ रहे है। एक बार फिर उदयपुर के भींडर में हनीट्रैप में फंसे युवक से रूपयों की रिकवरी के लिए मारपीट में हत्या कर दी।

उदयपुर पुलिस अधीक्षक भुवन भूषण यादव ने बताया कि हनीट्रैप मामले में एक महिला पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है और पूछताछ की जा रही है। गिरोह पूर्व में भी कई लोगों को बना चुका है अपना शिकार
पुलिस अधीक्षक यादव ने बताया कि एसपी भुवन भूषण यादव ने बताया कि 2 फरवरी को भीण्डर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में तीन युवक एक युवक को कार में लेकर आए और चिकित्सालय कर्मचारियों को बताया कि दुर्घटना में यह घायल हो गया है।
Rajasthan News: हनीट्रैप मामले में पुलिस को यह मिली सफलता pic.twitter.com/NBaPmAxMvi
— PURSHOTTAM KUMAR (@pkjoshinews) February 11, 2024
यह कहकर इस युवक को भर्ती करवाकर भाग गए। बाद में जब चिकित्सकों ने चैक किया तो यह मृत निकला। इस पर पुलिस को बताया गया। मृतक की पहचान मदन मोहन उर्फ टोनी पुत्र कैलाश चन्द्र पाटीदार निवासी बडा राजपुरा के रूप में हुई।
परिजनों ने बताया कि मृतक मदनमोहन की कानोड रेल्वे स्टेशन स्थित दुकान है, जहां पर 1 फरवरी को गया और रात को वापस नहीं आया।
मदनमोहन कभी कभी लेट होने पर दुकान पर ही सो जाया करता था। दूसरे दिन 2 फरवरी को 9 बजे मदनमोहन की पत्नी रश्मि के नम्बरों पर मदनमोहन के फोन से फोन आया।
फोन करने वाले ने कहा कि मदन मोहन भीण्डर हॉस्पीटल में है। इसके बाद फोन बन्द कर दिया। पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण डॉ. प्रियंका व डिप्टी रविन्द्रप्रतापसिंह के निर्देशन में थानाधिकारी पुनाराम गुर्जर के नेतृत्व में कानोड़ थानाधिकारी मनीष कुमार खोईवाल की टीम ने जांच शुरू की।
पुलिस टीम की जांच पड़ताल में मृतक के फोन की डिटेल निकाली तो पुलिस को शंका हुई कि यह मामला हनी ट्रैप का होना सामने आया।
इस पर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर गाड़ी मालिक रतनसिंह को पकड़ा और पुलिस ने इससे पूछताछ की तो उसने बताया कि मृतक मदनमोहन उर्फ टोनी को राजे, पुष्पेन्द्र, रतन सिंह ने एक युवती अंजू उर्फ हिना के माध्यम से हनी ट्रेप में फंसाया और पैसों की वसूली के लिए मारपीट की थी, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद आरोपी मुख्य मार्गो को छोड़ कच्चे रास्ते के माध्यम से राजस्थान से बाहर मध्यप्रदेश एंव गुजरात की तरफ चले गए।
इस पर पुलिस टीम ने राजू उर्फ राजमल पुत्र बालू गुर्जर निवासी किशन करेरी डूंगला, पुष्पेन्द्र सिंह उर्फ पप्पी पुत्र निर्भय सिंह सिसोदिया निवासी अरथला डूंगला, रतन सिंह उर्फ रतन पुत्र किशनसिंह देवडा निवासी देवीपुरा डूंगला, अनीश पुत्र मोहम्मद हाफीज निवासी कन्नौज भदेसर, अंजू उर्फ हिना पत्नी शिवसिंह भिलाला निवासी देवनारायण कॉलोनी जीरापुर राजगढ मध्यप्रदेश को गिरफ्तार किया। आरोपियों ने पैसा वसूलने के लिए मारपीट करना स्वीकार किया है।
आर्थिक रूप से सक्षम होने पर पड़ी गिरोह की नजर
मृतक मदन मोहन उर्फ टोनी जो कानोड रेल्वे स्टेशन पर पाटीदार एजेंसी के नाम से किराने की दुकान का संचालन करता है। साथ ही शराब के ठेको में साझेदार था, जो आर्थिक रूप से सक्षम था।
इस गिरोह के मुख्य सरगना राजू गुर्जर निवासी किशन करेरी डूंगला ने अपने साथियों से मिलकर मदन मोहन को हनीट्रैप में फंसाने की योजना बनाई।
राजू गुर्जर द्वारा अपने साथी पुष्पेन्द्र सिंह, रतन सिंह, अनीश, साजिद के साथ मिलकर अंजु उर्फ हिना भिलाला को रूपयों का लालच देकर मदन मोहन के नम्बर दिए और इसे फंसाने के लिए कहा। अंजू ने मदन मोहन को अपने जाल में फंसा लिया।
व्हाट्स एप्प मैसेज से हुई हनीट्रैप की शुरूआत
पुलिस के अनुसार अंजू उर्फ हिना ने मृतक मदन मोहन उर्फ टोनी को पहले व्हाट्स एप्प पर मैसेज किया था। इसका आरोपी ने रिप्लाई किया था और इसके बाद दोनों व्हाट्स एप्प पर ही चेटिंग करने लगे। चेंटिग के साथ-साथ दोनों फोन पर बातें भी करने लगे थे।
अंजु को घटना से करीबन 15 दिन पूर्व ही चित्तौडगढ़ में एक होटल मे रूकवाई। 1 फरवरी को अंजु भिलाला ने मदन मोहन को मध्यप्रदेश से आवरी माता चित्तौड़गढ़ दर्शन करने आने एंव मिलने का ऑफर दिया।
जिस पर मदन मोहन अपने घर से बाईक लेकर सालेडा होते हुए होटल राजदीप पैलेस अंजु भिलाला को साथ चलकर पहुंचा। होटल में दोनों के बीच शारीरिक संबंध बनाए।
अंजू को अपनी भाभी बताकर साजिद ने पीटा मदन मोहन को
होटल से पुनः अंजु भिलाला को छोड़ने के लिए बाईक पर बैठाकर रवाना हुआ। अंजु भिलाला को चौराहे पर छोड़ा। जहां पर पूर्व योजना के अनुसार साजिद अपने दोस्तो के साथ मदन मोहन को जाते हुए रूकवाया तथा अंजु को अपनी भाभी बताते हुए उसके साथ मारपीट की। साथ ही मदन मोहन को बलात्कार के केस में फंसाने की धमकी दी, जिससे मदन मोहन घबरा गया।
राजू ने करवाया 6 लाख में समझौता
घटना के बाद साजिद व साथियों ने मदनमोहन उर्फ टोनी के साथ मारपीट की और योजना अनुसार साजिद के दोस्त राजू गुर्जर, पुष्पेन्द्र सिंह, रतनसिंह को बुलाया तथा राजू गुर्जर ने 6 लाख रूपये मदनमोहन उर्फ टोनी से लेकर देने की हामी भरी।
मारपीट में मदनमोहन उर्फ टोनी के चोंटे आने पर उसे इलाज के लिए महात्मा हॉस्पिटल डूंगला लेकर गए तथा ईलाज करवाया एवं 06 लाख रूपये की व्यवस्था होने तक अपने कब्जे मे रखा। 2 फरवरी को सुबह मदन मोहन की छाती मे दर्द होने से रास्ते मे मदनमोहन ने बोलना बंद करने से ईलाज करवाने के लिए भीण्डर आरोग्यम हॉस्पिटल गये तथा वहां से सीएचसी भीण्डर लेकर गए, जहां पर मदन मोहन की मौत होने से लाश को भीण्डर चिकित्सालय ही छोडकर फरार हो गया।
राजू गुर्जर है मास्टर माइंड
आरोपी राजू गुर्जर इस गिरोह का सरगना है। वह ऐसे लोगों को ढूंढता है जो आर्थिक रूप से सक्षम होते है। आरोपी इन लोगो को एक युवती के माध्यम से हनी ट्रेप में फंसाते है और इसके बाद इस महिला द्वारा एक बार शारीरिक संबंध बनाया जाता है।
इसके बाद गिरोह का दूसरा गुट इस महिला को अपने परिवार की सदस्य बताकर मुकदमा दर्ज करवाने की धमकी देकर पैसा ऐंठता है। राजू गुर्जर एंव उसके साथी पूर्व मे भी इसी प्रकार से डूंगला, भादसोड़ा, सांवलियाजी एंव असावरा चित्तौड़ में वारदात को अंजाम दिया जाकर लाखो रूपये लोगो से ऐंठ चुके है।












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