Hemaram Choudhary : कांग्रेस का 'सिंधिया वायरस', राजस्थान में फैलने की आशंका, दिग्गज जाट विधायक ने दिखाए सिम्टम

बाड़मेर। ज्योतिरादित्य सिंधिया व 22 विधायकों के ​इस्तीफे के बाद मध्य प्रदेश के अन्य कांग्रेस विधायकों के बागी हो जाने के डर से जयपुर में उनकी बाड़ाबंदी की कमान संभाल रहे खुद सीएम अशोक गहलोत के एक विधायक साथ छोड़ सकते हैं। राजस्थान के बाड़मेर जिले के गुड़ामालानी विधायक हेमाराम चौधरी ने इस तरह के संकेत दिए हैं।

तो टूट सकता है सब्र का बांध

राजस्थान के दिग्गज नेताओं में शामिल विधायक हेमाराम चौधरी ने गुरुवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि अगर उनके भी सब्र बांध टूट गया तो वे भी ज्योतिरादित्य सिंधिया की राह चलकर कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे सकते हैं।

 राजस्थान में जनता का काम नहीं हो रहा

राजस्थान में जनता का काम नहीं हो रहा

विधायक हेमाराम चौधरी ने कहा कि मध्यप्रदेश में ज्योतिराज सिंधिया की सरकार ने नहीं सुनी। जिसके चलते यह हालत हुई है। वहीं, राजस्थान में भी मेरी बात नहीं सुनी जा रही है। जनता का कोई कामकाज नहीं हो रहा है, जो घोषणा पत्र हमने जनता के बीच रखा था। उस पर कोई खास काम नहीं हो रहा है। इसीलिए मुझे यह कहना पड़ रहा है कि राजनीति में भी सरकारी नौकरियों की तरह वीआरएस की जगह वीआरपी होना चाहिए।

 राहुल गांधी के फोन की वजह से लड़ा चुनाव

राहुल गांधी के फोन की वजह से लड़ा चुनाव

विधायक हेमाराम चौधरी ने बाड़मेर जिला मुख्यालय पर अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत की और कहा कि मैंने कभी भी टिकट की चाह नहीं की, लेकिन राजस्थान विधानसभा चुनाव 2013 में कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी के फोन के कारण मैंने चुनाव लड़ा था।

 2018 में भी जबरन लड़वाया चुनाव

2018 में भी जबरन लड़वाया चुनाव

राजस्थान विधानसभा चुनाव 2018 में भी मुझे पार्टी ने जबरदस्ती चुनाव लड़ाया था, लेकिन अब मैं जनता का काम नहीं कर पा रहा हूं। मुझे इस बात का बेहद दुख है। साथ ही वर्तमान राजनीति में चापलूसों की पूछ हो रही है। कोई भी नेता सीधा और साफ नहीं बोलता। क्योंकि हर किसी को अपनी खुशी से प्यार है, लेकिन मेरे मन में ऐसा कुछ भी नहीं है।

 सीएम गहलोत को सब बता दिया

सीएम गहलोत को सब बता दिया

मैं यही चाहता हूं कि जनता की आवाज सरकार सुनें। मैंने कई बार राजस्थान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को भी बता दिया, लेकिन कई मामलों में मेरी सुनवाई नहीं हुई। अब अगर मेरा धैर्य दिए जवाब दे गया तो मैं भी इस्तीफा दे दूंगा। राजस्थान में आगे क्या होगा। इस पर मैं कोई टिप्पणी नहीं करूंगा, लेकिन सरकार में मुझ जैसे सीनियर की भी सुनवाई नहीं हो रही है तो आप समझ सकते हैं कि क्या हाल है?

 जानिए कौन हैं विधायक हेमाराम चौधरी

जानिए कौन हैं विधायक हेमाराम चौधरी

राजस्थान के बाड़मेर जिले के बायतू चिमंजी में 18 जनवरी 1948 को जन्मे हेमाराम चौधरी कद्दावर नेता हैं। हेमाराम चौधरी बाड़मेर के गुड़ामालानी से 6 बार विधायक चुने जा चुके हैं। राजस्थान सरकार में राजस्व मंत्री व नेता प्रतिपक्ष भी रह चुके हैं। बता दें कि इनकी पत्नी भीखी देवी के नाम अनूठा रिकॉर्ड है। भीखी देवी लगातार छह बार सरपंच चुनी जा चुकी हैं। राजस्थान पंचायती राज चुनाव 2020 में भी हर बार की तरह भीखी देवी को निर्विरोध सरपंच चुना गया।

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