राजस्थान के शाहपुरा में जोरदार बारिश, मकान पर गिरी आकाशीय बिजली 40 मिमी बारिश दर्ज
Bhilwara News: राजस्थान में मानसून ने सबकों पानी से तरबतर कर दिया है। लगातार बारिश से कई इलाकों में जलभराव के हालात पैदा हो गए है तो कहीं पर आकाशीय बिजली का कहर भी देखने को मिल रहा है।
आज भीलवाड़ा के शाहपुरा में दोपहर बाद शुरू हुई अचानक तेज बारिश ने शहर में जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। तेज बारिश के कारण शहर के विभिन्न चैराहों और मुख्य बाजारों में पानी भर गया, जिससे लोगों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
इसी दौरान एक आवासीय मकान पर आकाशीय बिजली गिरने से मकान शक्तिग्रस्त हो गया और आसपास के कई घरों में बिजली के उपकरण जलकर नष्ट हो गए। शाहपुरा में इस डेढ घंटे में 40 मिमी बारिश दर्ज की है।

उदयभानगेट के बाहर कोटड़ी रोड़ पर कहार बस्ती में भी आधा दर्जन घरों में भी पानी भर गया। शाहपुरा में अपराह्न साढे तीन बजे के करीब अचानक बादल उमड़ आए और लगभग सवा घंटे तक तेज बारिश होती रही।
बारिश के दौरान बार-बार आकाशीय बिजली की गर्जना से हर कोई दहशत में था। तेज गर्जना और चमक के बीच, बारिश ने शहर के कई हिस्सों को पानी में डुबो दिया।
त्रिमूर्ति चैराहा, सब्जी मंडी, रामद्वारा के बाहर बस स्टैंड और मुख्य बाजार सहित कई स्थानों पर पानी भर गया, जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
बारिश के बीच शहर के सदर बाजार के निकट स्थित केसर सिंह बारहठ राष्ट्रीय संग्रहालय के सामने एक गली में व्यवसायी सुंदर झंवर के मकान पर आकाशीय बिजली गिरने की सूचना मिली।
बिजली गिरने से मकान की मुंडेर, रेलिंग, छत और दीवारों में क्षति पहुंची। बिजली गिरने के दौरान सुंदर झंवर अपने परिवार के साथ घर पर ही थे।
बिजली की गर्जना और चमक के साथ बिजली गिरने से मकान की मुंडेर और रेलिंग टूटकर गिर पड़ी, जिससे मकान में मौजूद लोगों को तुरंत बाहर निकालना पड़ा। आवाज सुनकर आस पास के घरों से भी लोग बाहर निकल गये।
घटना की सूचना मिलने पर नगर परिषद के सभापति रघुनंदन सोनी और क्षेत्रीय पार्षद तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और नगर परिषद के अन्य कर्मचारियों और विद्युत निगम के अभियंता को मौके पर बुलाया। विद्युत आपूर्ति बहाल करने और क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत के निर्देश दिए गए।
मकान मालिक सुंदर झंवर ने बताया कि बिजली गिरने के समय हम घर में ही थे। अचानक बिजली गिरने से मकान की मुंडेर और रेलिंग गिर गई।
मकान की सभी बिजली की लाइन जल गये है। हमने तुरंत ही अपने परिवार को बाहर निकाल दिया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। आसपास के मकानों में बिजली के उपकरण जलने की भी खबरें आई हैं। आस पास के आधा दर्जन मकानों में भी बिजली के सभी एसी, इन्वर्टर, विद्युत उपकरण जल गये है।
आकाशीय बिजली गिरने के बाद शहर के निवासियों में दहशत फैल गई। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बारिश के दौरान सावधान रहें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। बिजली गिरने की घटनाओं से बचने के लिए आवश्यक एहतियात बरतने की भी सलाह दी गई है।
तेज बारिश के कारण कई घरों में पानी भर गया। खासकर कर बस्ती के निवासियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लोगों को अपने घरों में पानी निकालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।
मुख्य बाजार में भी पानी का तेज वेग बहने लगा, जिससे दुकानदारों और राहगीरों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
त्रिमूर्ति चैराहा, सब्जी मंडी, रामद्वारा के मुख्य गेट के बाहर और बस स्टैंड के चारों तरफ पानी भर जाने से यातायात पूरी तरह से ठप हो गया। सवा घंटे की बारिश ने नगर परिषद प्रशासन की तैयारियों की पोल खोल दी।
जिला कलेक्टर द्वारा तीन दिन पूर्व पानी की निकासी के समुचित प्रबंध करने के निर्देश दिए गए थे, परंतु इन निर्देशों का पालन नहीं किया गया। इससे आज पहली बारिश में ही लोगों को परेशान होना पड़ा।
नगर परिषद के सभापति रघुनंदन सोनी ने बताया कि हम इस घटना से सबक लेकर भविष्य में ऐसे आपदाओं के लिए बेहतर तैयारियां करेंगे। नगर परिषद की टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू कर दिया है। विद्युत आपूर्ति बहाल करने और क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत के प्रयास किए जा रहे हैं।












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