गुड टच बैड टच : चूरू प्रशासन ने डेढ़ लाख बच्चों को बताया ऐसे पता कर सकते हैं लोगों की 'गंदी नीयत'
चूरू। राजस्थान के चूरू जिला प्रशासन की पहल पर महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से मंगलवार को जिलेभर के विद्यालयों में गुड टच बैड टच अवेयरनेस कैंपेन के तहत अधिकारियों व शिक्षकों ने बच्चों को अच्छे व बुरे स्पर्श का फर्क समझाया। इससे संबंधित शॉर्ट फिल्म दिखाईं और बताया कि कैसे उन्हेंं अपने साथ होने वाले हर गलत का विरोध करना चाहिए। जिले में करीब सात सौ स्कूलों में एक साथ हुए कार्यक्रमों में एक लाख 47 हजार 157 बच्चों ने भागीदारी की।

जिला कलक्टर ने किया बच्चों से संवाद
इस सिलसिले में जिला मुख्यालय स्थित राजकीय पारख बालिका माध्यमिक विद्यालय में पहुंचे चूरू जिला कलक्टर संदेश नायक ने बच्चों से संवाद किया और उनकी पढाई-लिखाई के साथ-साथ दिनचर्या को लेकर टिप्स दिए। नायक ने कहा कि समाज में अच्छे और बुरे सभी तरह के लोग हैं, हमें उनकी गतिविधियों से उनकी पहचान कर सकते हैं। उन्होंने बच्चों से कहा कि बचाव ही सबसे बेहतर उपचार माना जाता है इसलिए कोशिश यह रहे कि ऎसी कोई परिस्थिति उत्पन्न ही नहीं हो। यदि माता-पिता देर रात को कहीं बाहर अकेले किसी काम से भेजते हैं तो आप भी अपनी असुरक्षा को समझकर उन्हें मना कर सकते हैं।

गलत ढंग से स्पर्श का करें विरोध
बच्चों को पता होना चाहिए कि उनके लिए क्या सुरक्षित है और क्या खतरनाक है। जिला कलक्टर ने बच्चों से कहा कि यदि कोई गलत ढंग से उन्हें स्पर्श करता है तो तत्काल उन्हें इसका विरोध करते हुए अपने अभिभावक व शिक्षकों को यह बात बतानी चाहिए। उन्होंने कहा कि कोई भी बात छुपाएं नहीं, अपने सबसे प्रिय व भरोसेमंद व्यक्ति से अपने दिल की बात साझा करें। उन्होंने बताया कि इस अभियान को आगे बढाया जाएगा तथा प्रत्येक स्कूल से एक शिक्षक को प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि रोजमर्रा में भी बच्चों में यह जागरुकता विकसित हो।

रोचक कहानी के जरिए समझाया
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव राजेश कुमार दड़िया ने चंदन व्यापारी और राजा की रोचक कहानी के जरिए बच्चों को समझाया कि व्यक्ति का भाव महत्त्वपूर्ण है। गलत भाव के साथ कोई व्यक्ति आपको देखता है तो वह भी बैड टच ही है। उन्होंने इससे जुड़े कानूनी प्रावधान भी बताए और कहा कि वे ऎसी परिस्थिति उत्पन्न होने पर हेल्पलाइन नंबर 1099 तथा पुलिस के नंबर 100 पर भी कॉल कर सकते हैं। आईसीडीएस उपनिदेशक संजय कुमार ने इस अभियान की रूपरेखा पर चर्चा की। सहायक निदेशक (जनसंपर्क) कुमार अजय ने शिक्षकों से कहा कि वे विद्यार्थियों के मित्र भी बनें ताकि बच्चे उनसे अपने मन की बात साझा कर सकें। प्रधानाध्यापक सरोज सैनी ने आभार जताया। संचालन सहायक लेखाधिकारी कन्हैयालाल शर्मा ने किया।












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