पाकिस्तान जेल से 36 साल बाद रिहा होकर भारत पहुंचे गजानंद, गंगाजल और गोमूत्र से किया गया शुद्ध
जयपुर। राजस्थान के जयपुर से 36 साल पहले लापता हुए गजानंद शर्मा की पाकिस्तान की कोटलखपत जेल से सोमवार को रिहाई हो गई। मंगलवार को गजानंद राजस्थान के हनुमानगढ़ पहुंतचे ही उनका स्वागत किया गया। पाकिस्तान की धरती पर साढ़े तीन दशक से भी ज्यादा अरसा गुजारने के कारण यहां विप्र फाउंडेशन द्वारा उनका परम्परागत तरीके से गंगाजल और गोमूत्र से शुद्धिकरण किया गया।

30 भारतियों को मिली स्वतंत्रता
भारत सरकार के प्रयासों के बाद सोमवार को करीब 3.30 बजे पंजाब से भारतीय नागरिकों को लेकर ट्रेन वाघा बार्डर पहुंची। इसमें गजानंद के साथ 29 मछुआरों की भारत लौटने की आस भी पूरी हुई। पाकिस्तान की विभिन्न जेलों में बंद 30 भारतीय नागरिकों को स्वतंत्रता दिवस के दो दिन पहले रिहा किया है। वाघा बर्डर से पंजाब विप्र फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने गजानन्द का स्वागत किया और मंगलवार को सड़क मार्ग से राजस्थान में लाए।

गंगाजल और गोमूत्र से किया शुद्धिकरण
विप्र फाउंडेशन के अधिकारियों के अनुसार गजानन्द का स्नातन परम्परा के अनुसार गंगाजल और गोमूत्र से शुद्धिकरण किया गया है। उनके लौटने से पूरे देश में खुशी की लहर है। जयपुर में स्थानीय सांसद रामचरण बोहरा उनका स्वागत करेंगे। मखनी देवी ने भी कभी नहीं सोचा था कि 36 साल पहले लापता हुए उनके पति से वे कभी मिल पाएंगी, लेकिन भगवान को कुछ और ही मंजूर था। मंगलवार को मखनी देवी 36 साल के बाद अपने पति गजानंद से मिलेगी।

पाकिस्तान की जेलों गजानंद दी गई थी यात्नाएं
फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने बताया कि गजानंद अभी सहमें हुए हैं, क्योंकि उन्होंने पाकिस्तान जेल में 36 साल तक यात्नाएं दी गई थी। मीडिया ने गजानंद से बात करने का प्रयास किया तो वे सहज तरीके से नहीं बोल पाए। उनके जहन में जयपुर के बारे में धुंधली यादें ही बची हैं। फाउंडेशन के अनुसार जयपुर पहुंचने के बाद उनका उपचार भी कराया जाएगा।












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