Independence Day: राजस्थान के वो चार सरपंच, जिन्हें नई दिल्ली में स्वतंत्रता दिवस समारोह का मिला खास न्योता
Independence Day 2025: राजस्थान के सीमावर्ती जिलों के लिए 15 अगस्त 2025 एक ऐतिहासिक दिन साबित होने जा रहा है। केंद्र सरकार के जीवंत ग्राम कार्यक्रम (Vibrant Villages Programme 2.0) के तहत चुने गए 150 से अधिक ग्रामीण प्रतिनिधियों में से राजस्थान के 4 सरपंचों को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। यह सम्मान उनके उत्कृष्ट नेतृत्व, ग्राम विकास में योगदान, महिला सशक्तिकरण और सीमा सुरक्षा में सक्रिय भूमिका का राष्ट्रीय स्तर पर मिला गौरव है।
भारत-पाकिस्तान सीमा पर बसे राजस्थान के जैसलमेर, श्रीगंगानगर, बीकानेर व बाड़मेर जिले के इन चारों सरपंचों का सम्मान यह साबित करता है कि ईमानदारी, पारदर्शिता और जनहित की भावना से काम करते हुए सबसे कठिन और दूरस्थ क्षेत्रों में भी बदलाव संभव है। यह उपलब्धि न सिर्फ सीमावर्ती क्षेत्रों बल्कि पूरे राजस्थान के लिए प्रेरणा है।

जैसलमेर की गीता कंवर: सीमा सुरक्षा में BSF की सच्ची सहयोगी
ग्राम पंचायत म्याजलार, जैसलमेर की सरपंच गीता कंवर ने सीमावर्ती इलाकों में BSF के साथ समन्वय बनाकर ग्रामीण सहभागिता से सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया। केंद्र और राज्य की योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने में उनकी भूमिका सराहनीय रही है। उनके पति संपत सिंह ने गर्व व्यक्त करते हुए कहा, "गीता कंवर ने न सिर्फ विकास कार्यों को गति दी है, बल्कि महिलाओं के आत्मरक्षा कार्यक्रमों को भी बढ़ावा दिया है।"
बाड़मेर के भरतराम सेंवर: चौहटन के विकास पुरुष
बाड़मेर जिले की नवातला-बाखासर ग्राम पंचायत के सरपंच भरतराम सेंवर ने सीमावर्ती गांव में जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया और ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत किया। BSF के साथ उनके प्रयासों ने स्थानीय युवाओं में राष्ट्रसेवा की भावना को नई दिशा दी है।
श्रीगंगानगर की शकुंतला: महिला सशक्तिकरण की मिसाल
श्रीगंगानगर जिले की कंवरपुरा ग्राम पंचायत की सरपंच शकुंतला का चयन इस राष्ट्रीय समारोह के लिए जिले और प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने पंचायत और सामाजिक गतिविधियों में महिलाओं की भागीदारी को अभूतपूर्व स्तर तक पहुंचाया है।
बीकानेर की संजना मेघवाल: युवा नेतृत्व की नई पहचान
खाजूवाला क्षेत्र की युवा सरपंच संजना मेघवाल को भी इस राष्ट्रीय अवसर पर आमंत्रण मिला है। उनके कार्यकाल में स्थानीय विकास, शिक्षा और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया गया है।
BSF की भूमिका
सीमा सुरक्षा बल (BSF) नोडल एजेंसी के रूप में इन विशेष अतिथियों की जोधपुर से दिल्ली यात्रा का प्रबंध कर रहा है। पारंपरिक राजस्थानी परिधान में उनकी उपस्थिति, समारोह में राजस्थान की संस्कृति का जीवंत प्रदर्शन करेगी। भारत सरकार के गृह मंत्रालय के निर्देश पर जिला कलेक्टरों द्वारा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले ग्राम प्रधानों की सिफारिश के बाद उनका चयन किया गया है।












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