अलवर के किसानों का 'गाय वापसी अभियान', प्रशासन को लौटाएंगे गायें
अलवर के मेब पंचायत के किसानों का कहना है कि गाय पालकर अगर डर में जीना पड़े तो फिर गाय को प्रशासन को देना ही बेहतर है।
अलवर। हाल के दिनों में कथित गौरक्षकों के बढ़ते हमलों के विरोध में राजस्थान के अलवर जिले के किसानों ने गाय वापसी अभियान शुरू किया है। किसानों ने अपनी गायों को प्रशासन को देने का फैसला किया है। अलवर के मेब पंचायत के किसाने के अनुसार, गाय पालकर अगर डर में जीना पड़े तो फिर गाय को प्रशासन को देना ही बेहतर है।

इस अभियान के लिए जो पोस्टर बनाया गया है, उसपर जियो और जीने दो लिखा गया है। पोस्टर पर लिखा है 'आओ चलें गाय वापस करें और भयमुक्त वातावरण बनाएं.' आपको बता दें कि हाल ही में उत्तर प्रदेश में पूर्व मंत्री और रामपुर से सपा के विधायक आजम खान ने भी तोहफे में मिली एक काली गाय शंकराचार्य को लौटा दी थी। जो उन्हें कुंभ की व्यवस्था के लिए मिली थी। आजम ने कहा था कि अगर कल आकर किसी ने कहा कि ये गाय काटने के लिए रखी है और मेरी हत्या कर दी तो क्या होगा। इसलिए मैं ये गाय लौटा रहा हूं।
डेयरी मालिक की हत्या के बाद गुस्सा
हाल ही में राजस्थान के अलवर में गाय लेकर जा रहे हरियाणा के पांच लोगों की गौरक्षों ने बहुत बुरी तरह से पिटाई की थी। जिसमें 55 साल के पहलू खान की मौत हो गई थी। ये लोग डेयरी चलाने वाले थे। घटना के बाद से पशुओं की खरीद-फरोख्त करने वाले और पैठ लगाने वाले लोगों को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके बाद से किसानों में खासकर मुस्लिम समुदाय में इसको लेकर गुस्सा है। इसी के विरोध में अलवर के किसानों ने अपनी गाय प्रशासन को लौटाने की बात कही है ताकि भय का माहौल ना रहे।












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