VIDEO : बॉर्डर पर तैनात BSF के जवानों का परिजनों से सम्पर्क टूटा, एक माह से नहीं कर पा रहे बात
जैसलमेर। भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर तैनात सीमा सुरक्षा बल के जवानों को लेकर राजस्थान से बड़ी खबर आई है। इन जवानों का अपने परिजनों से संचार संपर्क टूट गया है। इसकी वजह डिजिटल सैटेलाइट फोन टर्मिनल (डीएसपीटी) बंद हो जाना बताया जा रहा है। इससे राजस्थान के जैसलमेर से लेकर सियाचिन तक के जवान प्रभावित हो रहे हैं।

डीएसपीटी बंद हो जाने के कारण राजस्थान बॉर्डर पर 150 और देशभर में करीब ढाई हजार सैटेलाइट फोन ठप हो गए हैं। गत 13 मई को अचानक इस सैटेलाइट से सिग्नल मिलना बंद होने के बाद बॉर्डर से जवानों की अपने परिजनों से बात बन्द हो गई है। bsf राजस्थान सीमांत के आईजी अनिल पालीवाल ने फोन पर बताया कि सिग्नल नहीं मिलने से डीएसपीटी बन्द हुए हैं। दिल्ली के स्तर पर बातचीत चल रही है। जल्दी ही यह सर्विस फिर से शुरू हो जाएगी।
सैटेलाइट फोन बातबीच का जरिया
गौरतलब है कि राजस्थान से सटे बॉर्डर पर जैसलमेर सेक्टर का इलाका काफी दुर्गम है। यहां मोबाइल सिग्नल व तार नहीं होने के कारण जवानों की बातचीत का जरिया सिर्फ सैटेलाइट फोन ही है। चिठ्ठियों का चलन कम होने के बाद सरहद से अधिकांश जवान अपने परिजनों से सैटेलाइट फोन के माध्यम से ही सम्पर्क कर पा रहे थे। पहले बॉर्डर के पास वाले कस्बों में आकर जवान एसटीडी, पीसीओ से बातचीत करते थे लेकिन एक दशक पहले सैटेलाइट फोन शुरू हुए थे।
बीएसएफ को एक रुपए प्रति मिनट में दे रहे सुविधा
जैसलमेर जिला दुरभाष मैनेजर आरसी व्यास के अनुसार बॉर्डर इलाके में करीब दस साल से बीएसएनएल की ओर से डीएसपीटी की सेवा शुरू की गई है। बॉर्डर पर तैनात बीएसएफ के जवानों और बाड़मेर-जैसलमेर इलाके में कार्यरत तेल कम्पनियों ने इस सेवा को ले रखा था। एक रुपए प्रति मिनट के शुल्क वाली इस सेवा के जरिए जवान अपने परिजनों से सम्पर्क कर पा रहे थे। कम्पनियों को यह सुविधा 5 प्रति मिनट के हिसाब से दी जा रही है। सेवा के ठप होने से जवानों की अपने घरों पर बात नहीं हो पा रही है।












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