Rajasthan News: 16 साल बाद कोर्ट ने सुनाया ऐसा फैसला...खाकी हो गई शर्मसार !
Rajasthan Court Order: राजस्थान के बूंदी जिले में 16 साल बाद आए कोर्ट के फैसले ने सबकों चौंका दिया। जिला कोर्ट ने आदेश जारी कर एक सीआई सहित पांच पुलिसकर्मियों को निलम्बित करने का हुकुम दे दिया।
दरअसल बूंदी जिला कोर्ट में साल 2008 का एक हत्या का मामला विचाराधीन चल रहा था। जिस पर कोर्ट ने 16 साल बाद सीआई सहित 5 पुलिसकर्मियों को निलंबित करने का आदेश दे दिए है।

बूंदी जिला कोर्ट ने पुलिस पर सख्त एक्शन लेते हुए हत्या के सबूत मिटाने के मामले में सीआई समेत 5 पुलिसकर्मियों को दोषी माना है। मामला वर्ष 2008 का है जहां जिले के इंद्रगढ़ थाने के पुलिसकर्मियों ने युवक को हिरासत में लेने के दौरान घर से लेकर थाने तक मारपीट करने का आरोप था।
इसी दौरान सिर पर चोट लग जाने से युवक बेहोश हो गया, युवक को पुलिस अस्पताल लेकर पहुंची तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था।
युवक की मौत को पुलिस ने सामान्य मौत बता दिया था जिसका प्रकरण पिछले 16 साल से बूंदी जिला कोर्ट में चल रहा था. 16 साल के लम्बे समय तक चली सुनवाई के बाद आज जिला कोर्ट में अंतिम बहस थी। जहां सबूतों के आधार पर जिला सेशन कोर्ट ने एक एसआई समेत 5 पुलिसकर्मियों को दोषी मान लिया।
वहीं तत्कालीन थानाधिकारी के खिलाफ सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने के आरोप में मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। दोषी पुलिसकर्मियों का तबादला बूंदी जिले से बाहर करने का आदेश दिया है। 16 साल बाद न्याय मिलने के बाद परिजनों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।
क्या है पूरा मामला
अधिवक्ता नवेद कैसर ने बताया की मृतक के भाई सलीम ने कोर्ट में दिए बयान में कहा कि 13 मई 2008 को शाम के समय 5 पुलिसकर्मी सादा वर्दी में घर आएं। मेरे भाई शब्बीर को बुलाने के लिए आवाज दी। फिर शब्बीर को पुलिस उस समय साथ ले गई, थोड़ी दूर ले जाने के बाद पुलिसकर्मियों ने मारपीट शुरू कर दी। जिसमें शब्बीर गम्भीर घायल हो गया।
पुलिस शब्बीर को इंद्रगढ़ अस्पताल में उपचार के लिए लेकर पहुंची जहां उपचार के दौरान शब्बीर की मौत हो गई।मृतक के भाई सलीम ने इंद्रगढ़ थाने में पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दी, जिसे पुलिस ने झूठा करार दे दिया, बाद में सलीम ने कोर्ट की शरण ली।
जिला एवं सेशन न्यायाधीन ने सुनाई सजा
जिला एवं सेशन न्यायाधीश दिनेशकुमार गुप्ता ने 13 मई 2008 को पुलिस की मारपीट में शब्बीर की मौत के आरोप में दोषी माना है।
फरियादी की पैरवी कर रहे वकील नवेद केसर लखपति ने बताया कि 16 साल पुराने मामले के अनुसार महावीर प्रसाद पुत्र जगन्नाथ एएसआई बूंदी निवासी गुमानपुरा कोटा, प्रहलाद पुत्र सावंत सिंह निवासी पीपल्दा, सेवानिवृत्त कांस्टेबल।
गिरिराज पुत्र जगदीश निवासी देवपुरा करवर हाल कांस्टेबल लाखेरी थाना, हरेंद्र सिंह पुत्र दुर्गा सिंह निवासी सिनसरी डीग भरतपुर हाल पुलिस लाइन बूंदी और रामसिंह पुत्र श्रीराम निवासी नीम का थाना हाल सीआईडी आईबी को दोषी माना है। इन सभी को 143, 147, 300, 302, 149 धारा के तहत दोषी मानकर फैसला दिया गया।












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