Congress Protest: जयपुर में कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन, पुलिस से उलझे, वाटर कैनन से करना पड़ा तितर-बितर
Congress Protest in Jaipur: राजस्थान में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जयपुर स्थित विधानसभा के बाहर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हल्की भिड़ंत भी हो गई। प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बैरिकेडिंग से रोकने का प्रयास किया, इससे कार्यकर्ता उग्र हो गए और बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और नारेबाजी करने लगे।

इस दौरान पुलिस को प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को काबू करने के लिए वाटर कैनन का सहारा लेना पड़ा। कांग्रेस ने यह विरोध प्रदर्शन विधानसभा से छह कांग्रेस विधायकों के निलंबन के खिलाफ किया।
नेता टीकाराम जूली ने लगाए आरोप
राजस्थान विधानसभा के बाहर हुए इस विरोध प्रदर्शन की अगुवाई करते हुए विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने एएनआई से बातचीत करते हुए कहा, "राज्य सरकार विपक्ष को बोलने का मौका नहीं देती। उनके मंत्रियों द्वारा विवाद उत्पन्न किया जाता है और फिर उसका समाधान नहीं किया जाता।" उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस आज अपनी विधायकों की बैठक बुलाएगी, जिसमें आगामी रणनीति पर चर्चा की जाएगी और विरोध प्रदर्शनों को तेज किया जाएगा।
इंदिरा गांधी को दादी कहने पर विवाद
दरअसल, राज्य के मंत्री अविनाश गहलोत द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर की गई विवादास्पद टिप्पणी का विरोध करने के कारण छह कांग्रेस विधायकों को विधानसभा के शेष बजट सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया। इस टिप्पणी के खिलाफ कांग्रेस के कई नेताओं ने विधानसभा में पूरी रात बिताई थी, लेकिन इसके बावजूद स्पीकर वासुदेव देवनानी ने इन विधायकों का निलंबन जारी रखा।
टीकाराम जूली ने कहा कि विपक्ष सिर्फ यह चाहता है कि मंत्री की टिप्पणी को वापस लिया जाए, लेकिन राज्य सरकार अपने मंत्रियों की गलतियों को छिपाना चाहती है। उन्होंने आगे कहा, "हमने स्पीकर से बात की थी, लेकिन हमें कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। राज्य सरकार केवल यह संदेश देना चाहती है कि विपक्ष केवल विरोध कर रहा है, जबकि हम सिर्फ अपनी मांग को उचित तरीके से रख रहे हैं।"
उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा, "विपक्ष ने मंत्री की बात को गलत तरीके से लिया, जबकि मंत्री ने इंदिरा गांधी को 'दीदी' के रूप में सम्मानित किया था। विधानसभा अध्यक्ष ने भी उस हिस्से को हटाने का निर्देश दिया था, लेकिन विपक्ष ने इसे नकारते हुए मंत्री पर हमले किए। यह कृत्य निंदनीय है।"












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