Rajasthan: कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट ने क्यों कहा भाजपा का बिगड़ा रायता, जानिए पूरा मामला
Rajasthan Sachin Pilot News: कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और विधायक सचिन पायलट आज एक दिवसीय दौरे पर टोंक पहुंचे जहां चिरोंज और मोलाईपुरा में आयोजित लोकार्पण कार्यक्रमों में शिरकत की। इसके साथ ही सचिन पायलट टोंक शहर के घंटाघर चौराहे पर आयोजित भाजपा नेताओं द्वारा राहुल गांधी को लेकर दिए गए बयानों के विरोध में आयोजित धरना-प्रदर्शन में शामिल हुए।
इस दौरान सचिन पायलट ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए भाजपा नेताओं को जमकर घेरा, पायलट ने कहा कि गांधी परिवार ने जो कुर्बानियां दी है वो एक भी भाजपा नेता के परिवार ने दी हो तो मुझे बता दे।
पायलट ने इंदिरा गांधी की हत्या का जिक्र करते हुए कहा कि वहीं पहली निर्वाचित प्रधानमंत्री थी जिनकों उनके ही घर में घुस कर गोलियों से भून दिया गया। राजीव गांधी के परखच्चे उड़ा दिए गए थे। लेकिन यह तो वो भाजपा है जिसके नेताओं के पूर्वज अपने घरों की छतों पर देश का झंडा लगाने से भी कतराते थे।

पायलट ने भाजपा नेताओं को चेतावनी देते हुए कहा हम महात्मा गांधी और नेहरू की पार्टी के कार्यकर्ता है लेकिन यह मत समझिए किए भाजपा के नेता हर बार हमे ललकारें और घुरों छुप जाएंगे, हम देखते और सुनते रहेंगे।
रवनीत सिंह बिट्टू के बयानों पर पायलट ने पलटवार करते हुए कहा कि यह खुद कांग्रेस में थे, इनकी तीनों पीढ़ियां कांग्रेस में थी। यह नए-नए भाजपा में गए है तो अपनी दुकान जमाने के लिए ऐसे बयान दे रहे है और ना तो भारत सरकार ना भाजपा के शीर्ष नेतृत्व इसका खंडन कर रहे है।
इसका मतलब साफ-साफ यह होना चाहिए कि इस प्रकार की भाषा का वो अनुमोदन करते है, उनकों पसंद है, कि भारत की राजनीति में ऐसा संवाद हो जिसमें गालियां दी जाए, जहां धमकी भी दी जाए। हम कानूनी कार्रवाई भी करेंगे और राजनीति स्तर पर भी भाजपा को चैलेंज करेंगे।
मुझे लगता है कि इसका सबसे तगड़ा जवाब आने वाली 8 अक्टूबर को आएगा, जब मतगणना होगी और पूर्ण बहुमत के साथ हरियाणा और जम्मू कश्मीर में इंडिया अलाइंस की सरकार बनेगी।
राजस्थान के विधानसभा उपचुनावों में गठबंधन को लेकर पायलट ने कहा कि अलाइंस लोकसभा चुनावों के लिए बना था, लेकिन जिन-जिन राज्यों में विपक्ष की एकजुटता हो एक रख सकते है वो हम करेंगे, लेकिन मैं इतना कहना चाहता हूं कि कांग्रेस पार्टी अपने आप में इतनी सक्षम है कि सभी चुनावों डटकर लडेंगे और जितेंगे।
लेकिन फिर दिल्ली का इंडिया अलाइंस के लोगों का निर्णय होगा वो सबकों स्वीकार करना होगा। लेकिन हम लोगों को अपना संगठन, अपना नेता, नेतृत्व पर इतना भरोसा है कि तमाम चुनौतियों का अकेले सामना भी कर सकते है।
राजस्थान में आरपीएससी में पेपर लीक मामले में पुनर्गठन को लेकर पायलट ने फिर कहा कि हम चाहते है कि बेइमानी बंद हो, पेपर लीक का सिलसिला समाप्त हो, रिश्वत देकर नौकरी देनी बंद हो, अब उसकों आप संज्ञा क्या दो, रिफॉर्म दो, पुनर्गठन दो, बदलाव दो, भंग करो, कुछ भी करों लेकिन यह सब सरकार की इच्छा शक्ति पर निर्भर करता है ,आपकी इच्छा शक्ति हो आप वो काम कर सकते है।
पायलट ने बदलाव के उदाहरण देते हुए कहा कि आपने राजीव गांधी सेवा केंद्र का नाम बदलकर अटल सेवा केंद्र रखना था रख दिया। पायलट ने सवाल उठाते हुए कहा कि यह बताइए कि इस पर कौन रोक रहा है।
नौकरियों की बिक्री हो रही है, लोगों पैसा लेते हुए पकड़े जा रहे है। घूस ले रहे है, फिर भी आप कुछ नहीं कर रहे है और मुझे लगता है कि नौजवानों के भविष्य से खिलवाड़ा करने का अधिकार किसी को नहीं है, फिर भी आप कर रहे हो, ना सरकार को , ना किसी नेता को, ना किसी पार्टी को।
यह जो आरपीएससी की बाकी भर्तियां है जब नौजवानों का कॉफिडेंस है,आत्मविश्वास हैविश्वसनीय खत्म हो जाएगी सिस्टम के ऊपर से फिर हम क्या करेंगे। इसलिए समय रहते बदलाव करना पड़ेगा,इसमें संकोच क्या है मुझे समझ नहीं आता है। आप कभी संविधान की आड़ में, कभी कानून की आड़ में, कभी कहते हो हाथ बंधे हुए है, आप मुझसे उपाय पूछ रहे है।
आप छोड़ दिजिए हम करके दिखाएंगे आपकों, यह तो सिर्फ बहानेबाजी है, इसकों बचाने का क्या मतलब है, सब-इंस्पेक्टर भर्ती मामले में सवाल उठाते हुए कहा कि मुझे नहीं पता कि सरकार क्या करेंगी, लेकिन लोगों का विश्वास उठ रहा है। वो बड़ा चिंता का विषय है। डिम्पल मीना हत्याकांड के मामले में भी पायलट ने कहा कि निश्चित ही इस पूरे मामले को लेकर जांच होनी चाहिए।
टोंक कोतवाली पुलिस थाने में राहुल गांधी के खिलाफ बिते दिन दर्ज हुई एफआईआर के मामले में भी सचिन पायलट ने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि जिसकों आप गाली दे रहे हो, धमकी दे रहे हो, जान से मारने की धमकी दे रहे हो, उसके खिलाफ आप एफआईआर भी करवा रहे हो, मतलब कुछ समझ नहीं आ रहे है कि क्या राजनीति हो रही है।
सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि आपकी सरकार बनी है 10 महीने पहले,विकास के काम करवाओं,जनता की बात सुनों, जो खींचतान इस सरकार में हो रही है, इतने सत्ता के केंद्र बन चुके है कि किसी को मालूम नहीं है, कि कौन मंत्री है, कौन नहीं है, सत्ता कुछ बोलती है, संगठन कुछ बोलता है, बिखराव हो चुका है, इतना नेतृत्व विहिन यह प्रदेश चल रहा है, यह बड़ा दुर्भाग्य है।
अभी से ही सरकार का रायता बिगड़ चुका है। मुझे बड़ा दुख है कि जिन उम्मीदों से सरकार बनी थी, पूरी नहीं हो पा रही है।












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