Rajasthan News: कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने मालवीय को बता दिया "कलंक"
Rajasthan Letest News: बयानवीरों की कांग्रेस में एक बार फिर राजस्थान प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने महेंद्रजीत सिंह मालवीय को कांग्रेस का कलंक बता तीखा हमला किया है।
राजस्थान सहित देशभर में राजनीतिक दल लोकसभा चुनावों में जुटे है। और पिछले दिनों से चल रही दल बदल की उलटफेर के बीच मालवीय के कांग्रेस से भाजपा में शामिल होने पर बयानबाजी तेज हो रही है।

अब कांग्रेस के राजस्थान प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने भरतपुर में महेंद्रजीत सिंह मालवीय पर तीखा तंज कसा है।
लोकसभा चुनावों को लेकर नेताओं ने लोकसभा क्षेत्र में दौरा करना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को कांग्रेसी नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा, टीकाराम जूली और गोविंद सिंह डोटासरा भरतपुर पहुंचे।
जहां वह लोकसभा चुनावों को लेकर कार्यकर्ताओं से संवाद किया और फिर धौलपुर के लिए रवाना हो गए।
सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि मैनेजमेंट के लिए मीटिंग की जा रही है। वर्कर बताएंगे कि, कहां कमी रही।
अब आगे कैसे क्या किया जाए। बीजेपी मैनेजमेंट और डीसीप्लेन दोनों में हमसे आगे हैं। पार्टी और परिवार तब ही सही तरीके से चल सकता है जब डीसीप्लेन सख्ती से लागू किया जाए।
अगर थोड़ी भी ढील आ जाएगी तो, नुकसान हो सकता है। मुझे सीएम नहीं बनाया फिर भी मैं कांग्रेस के साथ हूं। मुझे सीएम के ऊपर बनाकर भेज दिया इससे बड़ा मेरे लिए ऑनर क्या होगा।
यही एक डीसीप्लेन पार्टी में रहना चाहिए। डीसीप्लेन और पार्टी दोनों एक साथ चल गए तो हमें कोई नहीं रोक सकता। मैंने सख्त लहजे पर संदेश दिया था जब राजेंद्र हुडा को निकाला था। डीसीप्लेन लाने के लिए उसे निकाला।
सीएम भजन लाल शर्मा के रेड लाइट के बयान पर सुखजिंदर सिंह ने कहा कि, सीएम जहां जाता है वहां उसका रूट तय होता है।
वहां लाल बत्ती नहीं आती वहां पूरी पुलिस खड़ी होती है। एक ड्रामा कर लिया। हमारी सरकार ने लाल बत्ती बंद कर दी थी। गाड़ी के ऊपर भी लाल बत्ती नहीं लगेगी। एक बार लाल बत्ती पर रुकना और उसकी मिसाल देना। लाल बत्ती पर रुकना चाहिए।
किसान आंदोलन पर सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि, बिना MSP के किसान कभी सर्वाइव नहीं कर सकता। चाहे वह किसी भी देश का किसान हो।
किसान को अन्नदाता कहने वाले कैसे लाठियां बरसा रहे हैं। किसानों को रबर की बुलेट मारी जा रही है। किसानों को रोकने के लिए सड़क पर कांटे बिछाए गए हैं।
दीवार बना दी गई है। ऐसा तो बांग्ला देश बना था तब भी नहीं हुआ। अंग्रेजों के समय भी किसानों का आंदोलन हुआ था। उस समय भी अंग्रेजों ने किसानों को रोका नहीं था।
महेंद्र जीत मालवीय के बीजेपी पर जाने को लेकर सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि, मुझे इस बात का बहुत अफसोस है।
मालवीय ने कहा कि, में तो पहले ही बीजेपी में जाना चाहता था। मुझे मिनिस्टर बनना था। इसका मतलब दाल में कुछ काला है। मंत्री हमारे सबसे ज्यादा हारे, कहाँ डील थी, कहां उनको छूट दे रखी थी, उन्हें डीसीप्लेन में क्यों नहीं रखा। जो व्यक्ति ऐसी बातें करते हैं। वह पहले अपने गिरेबान में देखे।












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