वसुंधरा ने सचिन पायलट को बताया नया बच्चा, पत्थरबाजों को दिया जवाब
जयपुर। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की 'राजस्थान गौरव यात्रा' बुधवार को जोधपुर सम्भाग स्थित पाली जिले में पहुंची। यहां जैतारण में उन्होंने सभा की और पत्थरबाजों को जवाब भी दिया। वसुंधरा राजे ने कहा कि पत्थर राजस्थान की मुख्यमंत्री पर नहीं, बल्कि प्रदेश की साढ़े सात करोड़ जनता के स्वाभिमान पर मारे गए हैं। इस अपमान को जनता कभी नहीं भुला सकती। उन्होंने साल के अंत में होने वाले राजस्थान विधानसभा चुनाव में भाजपा को मतों से भारी बहुमत दिलाने की अपील करते हुए कहा कि अगले चुनाव में राखी की लाज रखना। सभा में उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट पर निशाना साधा और कहा कि राजस्थान में पायलट अभी नए बच्चे हैं।

गौरतलब है कि वसुंधरा राजे की जोधपुर जिले में राजस्थान गौरव यात्रा चालू है। इस दौरान तीन दिन पूर्व पिपाड़ में उनके काफिले पर पथराव किया गया था। भाजपा ने कांग्रेस पर पत्थर बरसवाने के आरोप लगाए थे और कहा था कि पथराव की घटना कांग्रेस की ओछी राजनीति का नतीजा है। कांग्रेस को पता है कि अगले विधानसभा चुनाव में उसकी हार होने वाली है। कांग्रेस भयभीत हो चुकी है और परिणामों से डर रही है। कांग्रेस इतने निम्न स्तर के हथकंडों पर उतर सकती थी, इसकी कभी कल्पना भी नहीं की थी। भाजपा ने जनादेश का अपमान किया है। इसके बाद सचिन पायलट ने जवाब देते हुए कहा था कि युवाओं को पहले सपने दिखाए और वोट ले लिए। इसके बाद भाजपा सरकार ने इन्हें भुला दिया। सपने दिखाने का नतीजा है वसुंधरा राजे की यात्रा का विरोध। हालांकि उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और राजनीति में हिंसा की कोई जगह नहीं है। भाजपा को कांग्रेस पर दोषारोपण करने खुद का आत्मावलोकन कर लेना चाहिए।
पायलट नए बच्चे, नहीं पहचानते यहां की राजनीति
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि राजस्थान में सचिन पायलट अभी नए बच्चे हैं, वे राजस्थान को और यहां की राजनीति को नहीं पहचानते। उन्होंने कहा कि वे राजस्थान को विकास के रास्ते पर और तेज बढ़ाना चाहती हैं। लेकिन कांग्रेस रोड़े अटका रही है। उन्होंने कहा कि बतौर मुख्यमंत्री वे राजस्थान के अतीत के गौरव को फिर जिंदा करना चाहती है। उन्होंने भाजपा सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि यहां वे पहले ही तरह ही सभी कौमों को गले लगाकर विकास के रास्ते पर आगे ले जाना चाहती हैं। इससे पूर्व उन्होंने जैतारण में आश्रम पहुंचकर जैन संत मिश्रीमल और लोकमान्य संत रूपमुनि की समाधि पर पुष्प अर्पित किए और जैन संतों से आशीर्वाद लिया।












Click it and Unblock the Notifications