Rajasthan: राजस्थान के पाली में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के काफिले की गाड़ी पलटी, 7 पुलिसकर्मी हुए घायल
Rajasthan News: राजस्थान के पाली जिले में एक दुखद घटना के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के काफिले में शामिल एक पुलिस वाहन पलट गया। इस दुर्घटना में 7 पुलिसकर्मी घायल हो गए। यह हादसा बाली और कोट बालियान के बीच एक बाइक सवार से टक्कर बचाने के प्रयास में हुआ। वाहन नियंत्रण खो बैठा। कई बार पलटा और अंततः बाली पुलिस स्टेशन से मात्र 500 मीटर की दूरी पर एक दुकान के पास खंभे से टकराकर रुक गया।
ओटाराम देवासी के परिवार से मिलकर लौट रही थी राजे
यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना तब हुई जब पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पाली जिले के मुंडारा गांव में मंत्री ओटाराम देवासी माताजी के निधन के बाद परिवार को अपनी संवेदनाएं व्यक्त करने के बाद लौट रही थीं।

घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया
घायल पुलिसकर्मियों को तुरंत बाली अस्पताल ले जाया गया। उनमें से तीन को गंभीर चोटें आई। जिनका इलाज उच्च चिकित्सा सुविधाओं में किया जा रहा है। घायलों में एसआई भागचंद, भंवरलाल, कांस्टेबल अभिषेक पुरी, नवीन, जितेंद्र, राम प्रसाद, सूरज और वाहन चालक रूपाराम शामिल हैं। एहतियात के तौर पर सुमेरपुर में सीटी स्कैन सहित उनकी चिकित्सा जांच की गई।
वसुंधरा राजे ने जताई संवेदना, घायलों से की मुलाकात
दुर्घटना के बाद पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने व्यक्तिगत रूप से घायलों से मुलाकात की और उनकी भलाई के लिए अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने एक घायल पुलिसकर्मी से बातचीत करते हुए उनके हाथ की चोट के बारे में जानकारी ली। यह मानवीय संवेदना दुर्घटना स्थल पर मची अफरा-तफरी के बीच एक आश्वस्त कर देने वाला नजारा था।
स्थानीय प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर संभाली स्थिति
दुर्घटना स्थल पर बाली विधायक पुष्पेंद्र सिंह राणावत, पाली सांसद पीपी चौधरी, कलेक्टर लक्ष्मीनारायण मंत्री और पाली एसपी चूनाराम जाट सहित स्थानीय प्रशासन ने तुरंत पहुंचकर बचाव कार्यों की निगरानी की। भाजपा नेता रमेश परिहार जो काफिले के पीछे चल रहे थे। उन्होंने घायलों को अस्पताल पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सड़क सुरक्षा और काफिले प्रबंधन पर बढ़ा फोकस
यह दुर्घटना हाई-प्रोफाइल काफिले के संचालन में सड़क सुरक्षा और संभावित खतरों पर चिंताओं को बढ़ा देती है। जयपुर में हाल ही में हुई एक अन्य सुरक्षा चूक की याद दिलाते हुए यह घटना इस मुद्दे की गंभीरता को दर्शाती है। जयपुर की घटना में मुख्यमंत्री के काफिले में टैक्सी घुसने से एक एएसआई और टैक्सी चालक की मौत हो गई थी।
सुरक्षा प्रोटोकॉल में सुधार पर जोर
पाली की इस घटना ने सुरक्षा उपायों की समीक्षा और उनमें सुधार की आवश्यकता पर बल दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री और स्थानीय प्रशासन की त्वरित कार्रवाई ने यह सुनिश्चित किया कि घायल पुलिसकर्मियों को तत्काल उपचार मिले और उनकी भलाई सुनिश्चित हो सके।
यह हादसा न केवल सुरक्षा काफिलों की चुनौतियों और जोखिमों को उजागर करता है। बल्कि यह भी दिखाता है कि ऐसी अप्रत्याशित घटनाओं में नेताओं और समुदाय की तत्परता कितनी महत्वपूर्ण है। घायलों की हालत स्थिर होते ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल में सुधार पर जोर दिया जाएगा।












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