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बेरोजगारों का चहेता कौन ? राजस्थान में बेरोजगारों को लेकर पूर्व सीएम गहलोत के सवालों पर भाजपा का पलटवार

Rajasthan News: राजस्थान में एक बार फिर से बेरोजगारों को लेकर सियासी पारा गर्म हो गया है। पूर्व सीएम गहलोत के सवालों पर भाजपा ने पलटवार किया है।

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता लक्ष्मीकांत भारद्वाज ने पलटवार करते हुए कहा कि सत्ता से बाहर होते ही गहलोत को आई बेरोजगारो की याद, पिछले पांच साल लाखों बेरोेजगारों को भत्ते के नाम पर गुमराह करती रही गहलोत सरकार।

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भारद्वाज ने भजनलाल सरकार की तारीफ में कसीदें पढ़ते हुए कहा कि हमारी सरार युवाओं के साथ कर रही है न्याय, पेपरलीक माफिया जेल जा रहे हैं। पिछली कांग्रेस सरकार की गलत नीतियों के चलते राजस्थान में बेरोजगारी दर पहुंच गई थी 32.3 फीसदी के पार।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता लक्ष्मीकांत भारद्वाज ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेरोजगारी भत्ते को लेकर दिये गये बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत को सत्ता से बाहर होने के बाद बेरोजगारों की याद आ रही है।

2018 में सत्ता पाने के लिए कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के समय अपने घोषणा पत्र में प्रदेश के 30 लाख युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने का वादा किया था।

सत्ता में आने के बाद गहलोत सरकार ने बेरोजगारों के हितों पर कुठाराघात किया और प्रदेश के 28 लाख से अधिक बेरोजगारों को भत्ते के नाम पर भटकाया।

प्रदेश के लाखों बेरोजगारों को भत्ते के नाम पर सरकारी कार्यालयों में इंटर्नशिप के लिए बुलाया गया और उन्हे भत्ते से भी वंचित रखा गया।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता लक्ष्मीकांत भारद्वाज ने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार ने पेपरलीक माफियाओं को सरंक्षण देकर प्रदेश के 70 लाख से अधिक युवाओं के सपनों पर पानी फेरने का काम किया।

वहीं प्रदेश में भजनलाल शर्मा सरकार आने के बाद युवाओं के साथ न्याय हो रहा है और पेपरलीक माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है।

प्रदेश में अभी तक पेपर लीक के मामलों में 100 से अधिक अपराधी सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं। गहलोत शायद भूल गए कि उनके शासन काल में प्रदेश बेरोजगारी के मामले में देशभर में सबसे आगे पहुंच गया था।

सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनामी (सीएमआईई) के अनुसार जहां देश में बेरोजगारी दर 6 फीसदी से 8 फ़ीसदी के मध्य रही। वहीं कांग्रेस के समय राजस्थान में बेरोजगारी दर 32.3 प्रतिषत तक पहुंच गई थी।

विधानसभा में एक सवाल के जवाब में जब तत्कालीन कांग्रेस सरकार से बेरोजगारी भत्ता पाने वाले बेरोजगारों की संख्या पूछी गई तो जवाब में पता चला कि महज 1.60 लाख युवाओं को ही बेरोजगारी भत्ता दिया गया, और वह भी कुछ समय के लिए ही।

पिछली कांग्रेस सरकार ने आंकड़ो के नाम पर प्रदेश के युवाओं को गुमराह और परेशान करने में कोई कसर नहीं छोड़ी और उसी का परिणाम रहा कि प्रदेश की जनता ने कांग्रेस को सत्ता से बाहर फेंक दिया।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता लक्ष्मीकांत भारद्वाज ने कहा कि कांग्रेस ने 2018 के चुनावों से पहले अपने घोषणा पत्र में संविदा कर्मियों को नियमित करने का भी वादा किया था।

जिसमें एनआरएचएम, एनयूएचएम कर्मियों, पैराटीचर्स, लोक जुबिंष कर्मचारी, आंगनबाड़ी, षिक्षाकर्मियों, विद्यार्थी मित्रों, पंचायत सहायकों सहित अन्य विभागों के कर्मचारी शामिल थे।

तत्कालीन कांग्रेस सरकार के समय जब इन लोगों ने कांग्रेस को वादा याद दिलाया तो उन पर लाठिया मारी गई यहां तक कि महिलाओं कर्मचारियों को भी बेरहमी से पीटा गया।

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