Rajasthan News: मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर दुविधा में भजन लाल सरकार, मदन राठौड़ की ताजपोशी से बदले हालात
Rajasthan News: राजस्थान में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भजन लाल शर्मा की सरकार दुविधा में है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पद पर मदन राठौड़ की ताजपोशी के बाद प्रदेश के सियासी हालात बदल गए हैं। प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर काफी समय से चर्चा चल रही थी। लेकिन भाजपा के नए अध्य्क्ष की ताजपोशी के बाद सियासी हालात बदल गए हैं। ऐसे में राज्य सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार पर विराम लग गया है।
भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के करीबी माने जाते हैं। मदन राठौड़ ने पदभार ग्रहण समारोह के दौरान इस बात के संकेत भी दे दिए थे। माना जा रहा है कि भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़ मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के बीच सेतु का काम करेंगे। मदन राठौड़ अपने राजनीतिक कौशल से पार्टी के सभी नेताओं को एकजुट करने की कोशिश करेंगे। ताकि पार्टी विधानसभा उपचुनाव में बेहतर प्रदर्शन कर सके। ऐसे में प्रदेश के बदले सियासी हालात में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर राज्य सरकार की दुविधा बढ़ गई है।

राज्य सरकार में अभी 24 मंत्री
राजस्थान में विधायकों की संख्या के हिसाब से सरकार में कुल 30 मंत्री बन सकते हैं। ऐसे में अभी मुख्यमंत्री सहित कुल 24 मंत्री हैं। सरकार के कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने इस्तीफा दे दिया है। लेकिन उसे स्वीकार नहीं किया गया है। उन्हें लेकर स्थिति साफ नहीं है। चुनाव हार जाने की वजह से सुरेंद्र पाल सिंह टीटी को भी मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ गया था। इस हिसाब से दो मंत्री के पद भी खाली हैं। प्रदेश में संगठन में बड़ा बदलाव कर दिया गया है। राज्यपाल भी नए नियुक्त हो गए हैं। ऐसे में अब मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर उम्मीद जताई जा रही है।
जातीय समीकरणों को साधने की कवायद
राजस्थान में भाजपा विधानसभा उपचुनाव से पहले जातीय समीकरणों को साधने की कवायद में जुटी है। पार्टी लोकसभा चुनाव के दौरान खिसके वोट बैंक को वापस अपने साथ जोड़ना चाहती है। लोकसभा चुनाव के दौरान जाट समुदाय भी भाजपा से खिसक गया था। राजनीति के जानकार बताते हैं कि हाल ही में आईएएस अमित ढाका एक बार फिर सुर्खियों में हैं। चर्चा है कि उन्हें फिर से राजस्थान लाया जा सकता है। अमित ढाका को सीएमओ या यूडीएच में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। अमित ढाका राजस्थान में बड़े जाट नेता के दामाद हैं। इस अमित ढाका पंजाब कैडर से आते हैं। पूर्ववर्ती गहलोत सरकार में अमित ढाका सीएमओ में प्रतिनियुक्ति पर बड़ी भूमिका में थे। ऐसे में प्रयास लगाए जा रहे हैं कि भाजपा जाट समुदाय को साधने के लिए इस तरह के प्रयोग कर रही है।
हरियाणा विधानसभा चुनाव के साथ उपचुनाव संभव
राजस्थान में लोकसभा चुनाव जीतने के बाद खाली हुई पांच विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं। इस साल चार राज्यों महाराष्ट्र, झारखंड, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव होने हैं। चर्चा है कि इन विधानसभा चुनाव के साथ ही राजस्थान की पांच विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होंगे। ऐसे में विधानसभा उपचुनाव से पहले राजस्थान में मंत्रिमंडल विस्तार संभव नहीं है। विधानसभा उपचुनाव के दौरान पार्टी विधायकों और मंत्रियों का प्रदर्शन कैसा रहता है। इस आधार पर चुनाव के बाद मंत्रिमंडल विस्तार की संभावनाएं बढ़ जाएगी।
वसुंधरा राजे के खेमे की उत्साह
राजस्थान में मदन राठौड़ की ताजपोशी और वसुंधरा राजे से उनके तालमेल के बाद वसुंधरा राजे के खेमे के उत्साहित नजर आ रहे हैं। वसुंधरा राजे समर्थक विधायकों को उम्मीद है कि मंत्रिमंडल विस्तार में वसुंधरा गुट को साधने के लिए उन्हें मंत्री बनाया जा सकता है। हाल ही में पार्टी मुख्यालय पदभार समारोह के दौरान वसुंधरा राजे के समर्थक नेताओं की मौजूदगी से उनका उत्साह साफ तौर पर झलक रहा था।












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