भगवाना राम नेहरा : इकलौता बेटा बारामुला में शहीद, 10 Dec को जन्मदिन व भांजे की शादी पर आने वाले थे घर

सीकर, 6 दिसम्बर। राजस्थान में वीर सपूतों की धरती सीकर का एक और बहादुर बेटा भारत मां की रक्षा करते हुए शहीद हो गया। शहीद भगवाना राम नेहरा सीकर जिले के धोद इलाके के गांव दुगोली के रहने वाले थे।

 भगवाना राम नेहरा दो बहनों के इकलौते भाई थे

भगवाना राम नेहरा दो बहनों के इकलौते भाई थे

बता दें कि भगवाना राम नेहरा दो बहनों के इकलौते भाई थे। इनके पांच साल का एक बेटा है। दस दिसम्बर को भगवाना राम घर आने वाले थे, क्योंकि उसी दिन इनका 38वां जन्मदिन और भांजे की शादी हैं।

तिरंगे में लिपटकर आएंगे घर

तिरंगे में लिपटकर आएंगे घर

10 दिसम्बर को जन्मदिन मनाने और बहन के भात भरने जाने के लिए घर पहुंचने का वादा करके गए भगवाना राम नेहरा अब तिरंगे में लिपटकर आएंगे। शनिवार को जम्मू कश्मीर के बारामुला में लच्छीपुरा पहाड़ी पर आतंकियों की तलाशी अभियान में था। जहां पहाड़ी से गिरने पर जवान की मौत हो गई थी।

2001 में 17 वर्ष की उम्र में पांचवी जाट बटालियन में भर्ती हुए

2001 में 17 वर्ष की उम्र में पांचवी जाट बटालियन में भर्ती हुए

मीडिया से बातचीत में सिपाही भगवाना राम के परिजनों ने बताया कि वे सात दिसंबर को ही छुट्टी पर गांव आने वाले थे। भांजे के अलावा 11 व 12 दिसंबर को ससुराल में भी शादी समारोह है। भगवाना राम 2001 में 17 वर्ष की उम्र में पांचवी जाट बटालियन में भर्ती हुए थे।

मंगलवार को दाह संस्कार हो सकता है

खबर है कि बारामुला में पोस्टमार्टम के बाद शहीद की पार्थिव देह श्रीनगर एयरपोर्ट तक लायी जा चुकी है। जहां से हवाई जहाज से शव दिल्ली एयरपोर्ट लाया जाएगा। दिल्ली से सड़क मार्ग से पार्थिव देह गांव पहुंचेगी। मंगलवार को दाह संस्कार हो सकता है।

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