Valentine Day : गुड़ से मीठा है इस डॉक्टर जोड़ी का इश्क, स्नेहलता ने ओपी डूडी को पहले दिल दिया फिर किडनी
आज14 फरवरी को दुनियाभर में वैलेंटाइन डे मनाया जा रहा है। इस दिन कई प्रेम कहानियां देखने, सुनने और पढ़ने को मिल रही हैं। कोई लैला मजनूं सरीखी तो कोई हीर रांझा सी। वहीं, ऐसी भी कई लव स्टोरी सामने आई हैं, जो प्रेमी जोड़ों को राह दिखा रही हैं कि कैसे अपने प्यार को मंजिल तक पहुंचाया जा सकता है।

आइए, मोहब्बत के इस मौके पर आपको बताते हैं महाराष्ट्र की युवती और राजस्थान के युवक की एक ऐसी लव स्टोरी के बारे में जिसमें 17 साल बाद भी प्रेम की ढेर सारी मिठास है। इनका इश्क गुड़ से भी मीठा है। इसमें एक-दूसरे के लिए जान तक दांव पर लगाने की हिम्मत और साया बनकर साथ निभाने का वादा है। एमबीबीएस की पढ़ाई के दौरान युवती ने पहले युवक को दिल दिया और फिर किडनी।

बाड़मेर के राजीव नगर में रहते हैं ओपी डूडी और स्नेहलता
अजब प्रेम की यह गजब कहानी जाननी हो तो सीधे चले आइए राजस्थान के बाड़मेर जिला मुख्यालय स्थित राजीव नगर। यहां रहने वाले ओपी डूडी और स्नेहलता वर्तमान में पति पत्नी हैं और बाड़मेर के सरकारी अस्पताल में डॉक्टर के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। इनकी लव स्टोरी वर्ष 2003 में उस वक्त शुरू हुई जब बाड़मेर से ओपी एमबीबीएस की पढ़ाई करने महाराष्ट्र के सोलापुर गए थे।

पहली नजर में दिल दे बैठे
17 साल पहले ओपी डूडी ने सोलापुर के एमबीबीएस कॉलेज में दाखिला लिया तब इनकी मुलाकात साथ में पढ़ने वाली सोलापुर की स्नेहलता से हुई। दोनों पहली ही नजर में एक-दूसरे को दिल दे बैठे। शुरुआत दोस्ती से हुई, जो धीरे-धीरे बेपनाह मोहब्बत में बदल गई। दोनों छह साल तक रिलेशन में रहे।

2007 में ओपी डूडी की किडनी हुई खराब
वर्ष 2007 डॉक्टर ओपी डूडी की किडनी खराब हो गई। जयपुर के एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन हुआ। ओपी डूडी की मां ने किडनी देकर जान बचाई। प्रेमी ओपी की यह गंभीर बीमारी जानते हुए भी तत्कालीन प्रेमिका स्नेहलता ने वर्ष 2009 में ओपी से शादी करके अपना सच्चा प्यार हमेश हमेशा के लिए पा लिया।

2017 में स्नेहलता ने दी किडनी
महाराष्ट्र की स्नेहलता और राजस्थान के ओपी डूडी को लव मैरिज करने में दोनों के परिवार को मनाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लव मैरिज के बाद वर्ष 2017 में इनके जीवन में एक बार फिर परेशानी आ गई। डॉ. ओपी डूडी की ट्रांसप्लेट किडनी फिर खराब हो गई। पूरा परिवार इस बात को लेकर चिंतित था तो अपने सच्चे प्यार को साबित करते हुए समर्पण भाव से डॉ स्नेह लता आगे आई और 7 फरवरी 2017 अपनी एक किडनी अपने प्यार डॉक्टर ओपी डूडी को दे दी।

जिंदगी से बड़ा प्यार है-ओपी डूडी
डॉ स्नेह लता एवं डॉ ओपी डूडी कहते हैं कि हम दोनों ने हर परेशानी को झेला हर समय सकारात्मक जीवन जीने की कोशिश की और आम लोगों को यह संदेश देने का प्रयास किया कि जीवन में कैसी भी कठिनाई आए और उसे प्यार का साथ मिले तो हंसते हंसते काटी जा सकती है।

सच्चा प्यार नसीब वालों को मिलता है-स्नेहलता
डॉ.स्नेहलता बताती हैं कि ऐसा प्यार देखने को आमतौर पर कम ही मिलता है जिसमें एक लड़की को यह मालूम है कि उसके प्रेमी की एक किडनी खराब है। फिर भी वह प्यार के खातिर उसे शादी करती है। जब समय आता है तो अपने समर्पण भावना दिखाते हुए पति को किडनी भी दे देती है। बता दें कि डूडी दम्पती के 6 साल की बेटी और डेढ़ साल का बेटा है।

एलबम देख यादों में खो गए
वैलेंटाइन डे के मौके पर वन इंडिया हिंदी की टीम डॉक्टर दम्पती के घर पहुंची और इनकी लव स्टोरी पर बात की तो स्नेहलता तुरंत एलबम उठा लाई। उसमें अपनी पुरानी तस्वीरें देख दोनों के जेहन वर्षों पहले शुरू हुई उस प्रेम कहानी का हर वो लम्हा ताजा हो गया जो इन्होंने बड़ी शिद्दत से जिया था।

एम्बुलेंस का वो सफर कभी नहीं भूल सकती
डॉ. ओपी डूडी के साथ बीते लम्हों में से कभी नहीं भूलने वाले क्षण के सवाल पर डॉ. स्नेहलता बताती हैं कि वर्ष 2015 में बेटी डेढ़ साल की थी। पता चला कि पति की किडनी फिर जवाब दे गई। इन्हें अजमेर के अस्पताल में ले गए। वहां से चिकित्सकों ने तत्काल जयपुर के फोर्टिज अस्पताल में ले जाने को कहा। इन्हें अजमेर से एम्बलेंस के जरिए जयपुर ले गए। एम्बुलेंस में साथ में मैं थी। अजमेर से जयपुर तक के उस सफर के एक एक पल को मैं कभी नहीं भूल सकती।

ऐसे शुरू हुई लव स्टोरी
स्नेहलता ने बताया कि सोलापुर में एमबीबीएस की पढ़ाई के दौरान डिस्कशन टेबल पर अक्सर चर्चा में दोनों साथ ही होते थे। तभी एक-दूसरे के करीब आए। मैंने इनमें एक अच्छा इंसान देखा। फिर हमारी अच्छी दोस्ती हो गई। बाहर घूमने भी जाने लगे थे। प्रेम विवाह करने में दोनों के घर वाले शुरुआत में राजी नहीं हुए थे, मगर फिर मान गए।

सबके कहते थे उसकी किडनी खराब है
स्नेहलता के मुताबिक ओपी से रिलेशन में आने के चार साल बाद इनकी एक किडनी खराब हो गई थी। जिसके बारे में मेरे घर वालों को भी पता था। खुद ओपी अपनी किडनी से संबंधित बीमारी का तर्क देकर मुझे किसी और शादी करने को कहते थे, मगर मैंने हमेशा सकारात्मक सोचा और वर्ष 2009 में इन्हीं से शादी की। तब परिवार व रिश्तेदारी में हर किसी ने कहा कि उनकी तो किडनी खराब है शादी करने की हिम्मत कैसे कर ली।

दोस्तों की मदद से की लव मैरिज
अपनी प्रेमी कहानी के बारे में ओपी डूडी बताते हैं कि महाराष्ट्र के सोलापुर में बीता मेरे जिंदगी का सबसे यादगार लम्हा था। मुझे साथ में ही एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही स्नेहलता से मोहब्बत हो गई थी। दोनों शादी करना चाहते थे। परिवार नहीं माने तो एमबीबीएस के ही हमारे चार अन्य दोस्तों की मदद से शादी कर पाए।












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