Ashok Gehlot PM Modi के चुनावी भाषणों से खफा! EC से अपील- कर्नाटक में चुनावी रैली बैन करें
Ashok Gehlot PM Modi के चुनावी भाषणों में धार्मिक कंटेंट से काफी नाराज हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को कर्नाटक में बचे हुए चुनाव प्रचार के समय में पीएम मोदी की रैलियों पर प्रतिबंध लगाना चाहिए।

Ashok Gehlot PM Modi के सियासी भाषणों से खफा हैं। गंभीर नेता की छवि वाले कांग्रेसी मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा है कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव में प्रधानमंत्री मोदी को चुनावी रैलियों की परमिशन नहीं मिलनी चाहिए।
वेटरन कांग्रेसी और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुनावी रैलियों पर रोक लगाने की डिमांड करते हुए निर्वाचन आयोग का दरवाजा खटखटाया।
गहलोत ने कहा है कि जिस तरीके से जनसभाओं में पीएम मोदी धार्मिक प्रतीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं, ये सरासर कानून के खिलाफ है। उन्होंने चुनाव आयोग से कहा कि पीएम की रैलियों पर तत्काल रोक लगाई जाए।
चुनाव प्रचार में धार्मिक नारों के इस्तेमाल को लेकर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को कहा कि भारत के चुनाव आयोग (ECI) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कर्नाटक में चुनाव प्रचार करने से रोकना चाहिए।
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बकौल सीएम गहलोत, "आप कानून पढ़ सकते हैं। चुनाव में धर्म की खुलकर बात करने वालों पर पाबंदी है। पीएम खुले तौर पर धर्म की बात करते हैं, इसलिए उनके चुनाव प्रचार पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।"
उन्होंने कह, "मैं यह बात ईमानदारी और जिम्मेदारी से कह रहा हूं कि चुनावी सभाओं में धर्म पर इस तरह का भाषण नहीं दिया जा सकता है। अगर कोई धार्मिक प्रचार करता है और धर्म का नाम लेता है, तो उसके प्रचार पर तुरंत प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।"
देश के पूर्व उपराष्ट्रपति बनने से पहले भैरों सिंह शेखावत के राजनीतिक करियर का उदाहरण देते हुए गहलोत ने कहा, शेखावत ने भी अपने में धार्मिक बयान दिए थे। उनकी सदस्यता जाने वाली थी।"
गहलोत ने सवाल किया कि कांग्रेस द्वारा एक ऑडियो क्लिप जारी करने के बाद भी प्रधानमंत्री मोदी इस मुद्दे पर चुप हैं। जिसमें दावा किया गया है कि चित्तपुर के भाजपा उम्मीदवार मणिकांत राठौड़ ने खड़गे के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया।
राठौड़ पर खड़गे और उनके परिवार को खत्म करने की बात कहने के भी आरोप हैं। गहलोत ने कहा, पीएम मोदी इस पूरे मामले पर कुछ नहीं बोल रहे हैं। धमकी देने वाला जानता है कि उसे कुछ नहीं होने दिया जाएगा. इससे बड़ा दुर्भाग्य होगा?"
बकौल अशोक गहलोत, "मैं जानता हूं कि प्रधानमंत्री खामोश रहेंगे। कर्नाटक पुलिस और भारत का चुनाव आयोग भी मौन रहेगा। हालांकि, कर्नाटक के लोग चुप नहीं रहेंगे। मुंहतोड़ जवाब देंगे।" बता दें कि वोटिंग 10 मई, जबकि मतगणना 13 मई को होनी है।












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