Anshuman Singh Bhati: राजस्थान विधानसभा में कोलायत MLA अंशुमान सिंह भाटी को 2 बार शपथ क्यों लेनी पड़ी?
Anshuman Bhati MLA ne Rajasthani Bhasha me li shapath: 16वीं राजस्थान विधानसभा के पहले सत्र में बुधवार को विधायकों को पद की शपथ दिलाई गई। बीकानेर जिले के कोलायत से विधायक अंशुमान सिंह भाटी को दो बार शपथ लेनी पड़ी।
दरअसल, कोलायत से भाजपा की टिकट पर पहली बार विधायक चुनकर विधानसभा पहुंचे अंशुमान सिंह भाटी ने राजस्थानी में शपथ ली। इस पर उन्हें टोका गया तो विधानसभा में मामूली हंगामा हो गया।

राजस्थानी भाषा में शपथ लेने पर अंशुमान सिंह भाटी को प्रोटेम स्पीकर कालीचरण सराफ ने कहा कि संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किसी भाषा में शपथ ले सकते हैं। राजस्थानी भाषा आठवीं अनुसूची में शामिल नहीं है।
इस पर अंशुमान सिंह भाटी ने कहा कि उन्होंने पहले ही मेल करके बता दिया था कि वे राजस्थानी भाषा में शपथ लेंगे। राजस्थानी भाषा को मान्यता नहीं है तो इसे मान्यता दिलाई जाए। आप सब मेरा समर्थन करोगे।
इसके बाद अंशुमान सिंह भाटी ने कहा कि वे सदन का मान रखते हुए दूसरी बार हिंदी में शपथ ले लेते हैं। अंशुमान सिंह भाटी की तरह ही शिव से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने भी राजस्थानी भाषा में शपथ ली।
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मीडिया से बातचीत में अंशुमान सिंह भाटी ने कहा कि जिस तरह से हर स्टेट की अपनी भाषा है। उसी तरह से राजस्थान के युवा भी अपनी भाषा को संवैधानिक दर्जा दिलवाना चाहते हैं। राजस्थान में डबल इंजन की सरकार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर राजस्थानी भाषा को मान्यता दिलाने का प्रयास करेंगे।
अंशुमान सिंह भाटी कहते हैं कि मैं पहली बार विधायक बना हूं, लेकिन परिवार लंबे समय से राजनीति में है। दादा कोलायत से 35 साल से विधायक रहे हैं। पिता 1996 में सबसे युवा विधायक के तौर चुनकर आए थे।
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मीडिया से बातचीत का वीडियो अपने फेसबुक पेज पर शेयर करते हुए अंशुमान सिंह भाटी ने लिखा 'जिण भाषा रे कारणे आज म्हारो अस्तित्व है, उण भाषा रे समुचित सम्मान ख़ातिर म्हें जीवनपर्यंत संघर्षरत रहसूं।
म्हारी भाषा-म्हारो अभिमान।'












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