आनंदपाल एनकाउंटर पर भड़का राजपूत समाज, रैली में 2 लाख से ज्यादा लोगों ने सरकार के खिलाफ भरी हुंकार

जयपुर। राजस्थान का मशहूर गैंगस्टर आनंदपाल सिंह के एनकाउंटर के बाद राज्य में बवाल दिनों दिन बढ़ता ही जा रहा है। बुधवार को गैंगस्टर आनंदपाल सिंह को श्रद्धांजलि देने के लिए लाखों की तादाद में राजस्थान के राजपूत समाज के लोग नागौर के सावरांद गांव में इकट्ठा हुए जिसे हुंकार रैली नाम दिया गया। बताया जा रहा है कि इस हुंकार रैली में करीब दो से ढाई लाख लोग राज्य के अलग-अलग हिस्सों से आए थे। आनंदपाल सिंह की मौत के दो सप्ताह के बाद भी अब तक दाह संस्कार नहीं हो पाया है।

आनंदपाल की मौत पर राजपूत समाज का हल्ला बोल

हुंकार रैली में 2 लाख से ज्यादा लोग

आनंदपाल सिंह के एनकाउंटर के बाद नागौर के सांवरद गांव में दो लाख से ज्यादा लोग शक्ति प्रदर्शन के लिए एकट्ठा हुए और राजस्थान सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। आनंदपाल सिंह की मौत के बाद इतनी बड़ी संख्या में पहली बार एक जगह इकट्ठा हुए थे। इस आंदोलन को तेज करने के लिए राजपूत समाज के करणी सेना की बहुत बड़ी भूमिका बताई जा रही है।

रैली के बाद भड़की हिंसा

रैली के बाद भड़की हिंसा

हुंकार रैली के बाद पुलिस और राजपूत समाज के बीच भड़की हिंसा में अब तक 1 की मौत और 20 पुलिसकर्मी के समेत 28 लोग घायल हो गए हैं। रैली के बाद हजारों की संख्या में लोग रेल की पटरियों पर कब्जा कर लिया तभी वहां से भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने रबड़ की गोलियां चलाई। पुलिस द्वारा दमनकारी नीति के बाद बाद हिंसा भड़क गई और प्रदर्शनकारियों ने तोड़-फोड़ कर कई जगहों पर आग लगा दी। इस हिंसा के बाद राजस्थान के नागौर, चुरू और बीकानेर जिले में धारा 144 लगा दी गई है।

सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं राजपूत समाज

सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं राजपूत समाज

पुलिस द्वारा 25 जून को आनंदपाल सिंह के मार गिराए जाने के बाद राजपूत समाज और उनके परिवार के लोग इसे फर्जी एनकाउंटर कहकर सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। राजपूत समाज के लोग लगातार सरकार पर दबाव बन रहे थे लेकिन सरकार मानने को तैयार नही थी। हालांकि इस हिंसा के बाद अब सरकार सीबीआई जांच करने को तैयार हो गई है।

दिग्विजय सिंह ने भी किया सीबीआई जांच का समर्थन

दिग्विजय सिंह ने भी किया सीबीआई जांच का समर्थन

कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने कहा 'पुलिस ने गलत तरीके से आनंदपाल का एनकाउंटर किया है। आनंदपाल एक असामाजिक तत्व था। उसे सजा कोर्ट भी दे सकती थी। किसी को भी गलत तरीके से एनकाउंटर करने का अधिकार नहीं है'।
आपको बता दें कि आनंदपाल की मौत के बाद राज्य के कई हिस्सों मे इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर रखी है।

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