Rajasthan: अजमेर दरगाह के सचिव सरवर चिश्ती का विवादित बयान, दरगाह से लेकर औवेसी को लेकर क्या बोले चिश्ती ?
Ajmer News: राजस्थान में इन दिनों अजमेर दरगाह में शिव मंदिर होने के दावे ने तूल पकड़ना शुरू कर दिया है। अंजुमन कमेटी अजमेर दरगाह के सचिव सरवर चिश्ती ने एक वीडियो जारी कर विवादित बयान दिया है।
सरवर चिश्ती ने अपना एक वीडियो जारी कर कहा है कि अजमेर शरीफ एक ऐसे संगीन दौर से हम गुजर रहे है और टीवी पर बैठकर एक साहब अससुद्दीन ओवेसी साहब की मुखालिफत करते है वो भी ऐसे संगीन दौर में जब दरगाए मस्जितें मदारे कल गुजरात में दरगाहों को निस्वार किया गया।
चिश्ती ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि कोर्ट की तरफ से बुलडोजर पर स्टे लगा हुआ है अफ़सोस की बात की दरगायें खानकायें खामोश है।

हजरत ख्वाजा मुइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह पर भी ये क्लेम किया जा रहा है की यह मंदिर है तब भी दरगाएं खामोश है, लोग खामोश है।
चिश्ती ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि अफगानिस्तान से लेकर इंडोनेशिया तक सबमें बड़ा इस्लामिक मरकज है करोड़ों नहीं अरबों चाहने वाले गरीब नमाज के है फिर ये सोचिये क्यों ?
अजमेर दरगाह के सचिव सरवर चिश्ती का यह यह कैसा बयान pic.twitter.com/bICUDw5519
— PURSHOTTAM KUMAR (@pkjoshinews) September 30, 2024
असदुद्दीन औवेसी की तारीफ करते हुए चिश्ती ने कहा कि एक वाहिद शख्स औवेसी ने माइनोरिटी मिनिस्टर को ट्यूट किया ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह को लेकर पिछले 10 साल में कोई भी ऐसा ईशु चाहे कोई एक्ट हो या लव जिहाद का मामला हो, मोव लीचिंग का मामला हो, हिजाब का हो, एक वाहिद आवाजें जो उठवी है उसका नाम हैं असदुद्दीन औवेसी।
आप उनसे नजरियादे इत्तफाक तो रख सकते है, वो हर कोई रखता है, हरेक को अपनी राय जाहिर करने का हक़ है। लेकिन एक मंजरे आम पे आके एक टीवी चैनल पे आकर उस एंकर पर बयान देना जिस एंकर की ट्रेडिशियल हमेशा एंटी स्लाम रहे है इससे क्या मेसेज कन्वे होता है कैसे कैसे माहौल से हम गुजर रहे है।
नामों से रसूल सल्लीलाहो आले वाले सलम का मामला चल रहा है। मस्जिते मजारें दरगायें निस्वार की जा रही है। मुसलमानों को खौफजदा किया जा रहा है, परेशान किया जा रहा है। आप मानो या न मानो एक बात तो तय है की की मुस्लिम समाज में असदुद्दीन औवेसी साहब जो मक्फूलियत हांसिल है वो किसी भी मुसलमान को इस वक्त हांसिल नहीं है।
गैर मुसलमान भी उनको सुनता है, उनकी लेफ्ट लॉजिकल दलिलों से बाकायदा यस भी करता है। ऐसे शक्श की अगर आप साथ नहीं दे सके तो पब्लिकली उनकी नफिक भी न करें।
मुसलमानों से आज एक आम हिन्दू भी नफरत करने लगा है, यह देश के लिए बड़ा हानिकारक है। हम देश की इनडेक्रेटि में यकीन करते वाले लोग है।
क्योंकि हमारा साथ जीते जी का नहीं है मरने के बाद भी इस जमीन में दफन होना है। तो ये क्या चल रहा है और दरगायें खानकायें खामोश है की इतनी बड़ी करीबी दरगाह ख्वाजा गरीब नवाज की इस किस्म की बात हुई और दरगाहे खामोश है।
गुजरात में कल जो यहा हुआ 500 - 700 साल की दरगाहों को निस्वार कर दिया तो भी लोग खामोश है। खास तौर से दरगाहों के लोग जो खाते ही दरगाहों की है ।
सरवर चिश्ती के बयान जारी करने के बाद अब मामला सियासी तूल पकड़ता हुआ नजर आ रहा है। हालांकि इस बयान को लेकर ना तो भाजपा की ओर से कोई पक्ष सामने आया है ना ही सरकार की ओर से है।












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