कृषि राज्यमंत्री के क्षेत्र में टिड्डियों के हमले से तबाह हुईं थी फसलें, किसानों को मुआवजे में मिले 72 पैसे
बाड़मेर। राजस्थान में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत राहत की उम्मीद लगाए बैठे किसान खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। ये वो किसान हैं, जिनकी फसलें साल 2019 में टिड्डियों के हमले में तबाह हो गई थीं। मोदी सरकार में कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी के संसदीय क्षेत्र बाड़मेर में किसानों को टिड्डियों की वजह से हुए नुकसान के पेटे प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बतौर राहत 72 पैसे मिले हैं।

लाइव हिंदुस्तान की एक रिपोर्ट के मुताबिक राजस्थान के सरहदी जिले बाड़मेर के गुड़ामालानी ब्लॉक के आलपुरा गांव के निवासी हीरसिंह को फसल क्षतिपूर्ति के रूप में केवल 72 पैसे मिले। जबकि बाड़मेर के ही अल्लपुरा गांव के सूरज और मोहन बानो को 2.89 रुपए, महावीर कुमार को 7.25 रुपए, थापन गांव की सीता देवी को 4.24 रुपए, चक गुड़ा गांव के प्रभु राम रुपए मिले हैं। ये तो सिर्फ चंद उदाहरण हैं जबकि जिलेभर के किसानों की यही स्थिति है।
मीडिया से बातचीत में बाड़मेर कृषि विभाग के उप निदेशक जेआर कहते हैं कि यह तथ्य है कि बाड़मेर में कुछ किसानों को उनकी क्षतिग्रस्त फसलों के मुआवजे के रूप में 10 रुपये से कम राशि मिली है। इसके पीछे कई संभावित कारण हैं। फसल क्षतिपूर्ति फसल कटाई प्रयोगों के आधार पर तय की गई है।
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उप निदेशक भाखर के अनुसार रबी 2019 की सीजन के दौरान बाड़मेर में 1.31 लाख किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा करवाया था। बीमा कंपनी 'एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी' ने जीरा, इसबगोल, गेहूं और सरसों आदि बाड़मेर में 504.51 करोड़ रुपए की फसलों का बीमा किया था। हाल ही में बीमा कंपनी ने बाड़मेर में 44,688 किसानों को मुआवजा राशि के रूप में 50.33 करोड़ रुपये जारी किए हैं।












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