कर्नाटक के कोप्पल जिले में फंसे राजस्थान के 70 लोग, सरकारी स्कूल में डाल रखा डेरा
जालोर। कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते भारत में 3 मई 2020 तक लॉकडाउन घोषित है। जो जहां है, उसे वहीं रुके रहने को कहा गया है। ऐसे में सबसे ज्यादा दिक्कत मजदूरों को हो रही है, क्योंकि फैक्ट्रियां बंद होने से उन्हीं काम नहीं मिल रहा और लॉकडाउन के चलते वे दूसरे राज्यों में स्थित अपने घरों भी नहीं आ पा रहे हैं।

ट्रक में सवार होकर आ रहे थे घर
राजस्थान के 70 लोग कर्नाटक में फंसे हुए हैं। लॉकडाउन के दौरान इन्होंने ट्रक में सवार होकर अपने घरों के लिए पलायन किया था, मगर कर्नाटक के कोप्पल जिले में रोक लिया गया। पिछले बीस दिन से वहीं पर फंसे हुए हैं। एक सरकारी स्कूल में डेरा डाल रखा है।

बच्चे व महिलाएं भी शामिल
जानकारी के अनुसार अप्रैल में कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने पर काम-धंधे बंद हो गए तो राजस्थान के जालोर और बाड़मेर करीब 70 लोगों ने पलायन किया था। इनमें बच्चे व महिलाएं भी शामिल हैं। इस बीच देश में लॉकडाउन लागू हो गया और ये लोग रास्ते में ही फंस गए।

घर वापसी की लगाई गुहार
मीडिया से बातचीत में इन लोगों ने आरोप लगाया है कि स्थानीय प्रशासन द्वारा खाने-पीने की व्यवस्था नहीं की जा रही है। आस-पास के ग्रामीण इन्हें दाल-चावल का भोजन करवा रहे हैं। इन प्रवासियों ने कहा कि पहले तो उम्मीद थी कि 14 अप्रैल को लॉकडाउन खुलेगा तो घर लौट जाएंगे, लेकिन अब लॉकडाउन तीन मई तक के लिए बढ़ा दिया गया। ऐसे में अब कई और दिन यहीं पर रुकना पड़ेगा। प्रवासियों ने राजस्थान सरकार से सकुशल घर वापसी की गुहार लगाई है।












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