कांग्रेस का वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर पलटवार, मरकाम बोले - Old Pension Scheme रोक रही है मोदी सरकार
NPS Scheme छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की तरफ से नई पेंशन योजना की एन एस डी एल मुंबई में जमा 17240 करोड़ रूपए वापस करने की मांग की गई थी,जिसे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक तरह से खारिज कर दिया है। उन्होंने क़ानूनी तौर पर इस राशि को छत्तीसगढ़ सरकार को वापस करने में असमर्थता जताई है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने केंद्रीय मंत्री के इस रुख को कर्मचारी विरोधी होने का प्रमाण बताया है। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार और राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने इस संबंध में केंद्र सरकार के समक्ष गुहार लगाई थी।

एनपीएस का पैसा राज्य को देना कानूनन संभव नहीं
गुरुवार को वित्त मंत्री सीतारमण ने शिमला में कहा कि एनपीएस कर्मियों का वेतन से काटे जा रहे पैसे पर राज्य सरकार का नहीं बल्कि कर्मचारियों का सीधा हक है।केंद्र सरकार राज्य सरकारों को यह राशि नहीं दे सकती,क्योंकि कानून के लिहाज से ऐसा नहीं हो सकता। वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि राजस्थान और छत्तीसगढ़ की सरकार केंद्र से पैसा लौटाने के मांग रही हैं, जबकि कानूनन ऐसा नहीं हो सकता है ।

राजस्थान और छत्तीसगढ़ सरकार का रही है मांग
गौरतलब है कि कांग्रेस शाषित राज्य राजस्थान और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों ने पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने के लिए केंद्र से एनपीएस के तहत कर्मचारियों के जमा धन वापस लौटाने की मांग की है। इन दोनों सरकारों का कहना है कि केंद्र कर्मचारियों का धन नहीं रख सकता है।

कांग्रेस ने बताया कर्मचारी विरोधी
इधर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के द्वारा राज्य के कर्मचारियों के पेंशन राशि 17,240 करोड़ रुपया को देने से इंकार करने पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि कांग्रेस की सरकार प्रदेश के कर्मचारियों के रिटायर होने के बाद उनके बेहतर भविष्य के लिए पुरानी पेंशन योजना की बहाली की है जिसके कारण अब रिटायरमेंट के बाद होने वाले आर्थिक कठिनाइयों से कर्मचारियों को मुक्ति मिला है।
केंद्र के कर्मचारियों का लगभग 17,240 करोड़ रुपए की राशि जिसमें कर्मचारियों के वेतन एवं राज्य सरकार के द्वारा जमा की गई राशि है जिस पर पूरा अधिकार राज्य के कर्मचारियों का है उसे देने से मना कर केंद्र की भाजपा सरकार ने अपने कर्मचारी विरोधी होने का प्रमाण दिया है।

राज्य सरकार के अंशदान पर नहीं है केंद्र का हक़:मरकाम
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि केंद्र में जब अटल भाजपा की सरकार थी तब कर्मचारियों की पुरानी पेंशन योजना को बंद कर कर्मचारियों के साथ धोखा बाजी किया गया था। रिटायरमेंट के बाद उनके भविष्य को अंधकारमय किया गया था। आज कांग्रेस की सरकार प्रदेश के कर्मचारियों के हित में पुरानी पेंशन स्कीम को लागू किया है इससे कर्मचारी विरोधी भाजपा को पीड़ा हो रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि प्रदेश के कर्मचारियों के पेंशन स्कीम में जमा राशि प्रदेश के कर्मचारियों के वेतन से काटी गई एवं राज्य सरकार के द्वारा जमा की गई अंशदान की राशि है इस पर केंद्र सरकार का कोई अधिकार नहीं है। इस राशि को तत्काल प्रदेश के कर्मचारियों के बेहतर भविष्य के लिए राज्य सरकार को लौटाना चाहिए।












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