Rajiv Gandhi Assassination Case: जेल से बाहर आई नलिनी श्रीहरन, सीएम भूपेश ने कहा,भावनाओं को ठेस पहुंची

पूर्व पीएम राजीव गांधी के हत्यारों की रिहाई से कांग्रेस नाराज है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इस मामले में नाराजगी जताते हुए कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से करोड़ों लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं।

Bhupesh Baghel On Suprim Court पूर्व पीएम राजीव गांधी के हत्यारों की रिहाई से कांग्रेस नाराज है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इस मामले में नाराजगी जताते हुए कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से करोड़ों लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं।

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    Rajiv Gandhi Assassination Case: रिहा होने पर Nalini Sriharan ने क्या कहा | वनइंडिया हिंदी | *News
    ऐसा नहीं होना चाहिए था:भूपेश बघेल

    ऐसा नहीं होना चाहिए था:भूपेश बघेल

    गौरतलब है कि 11 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व पीएम राजीव गांधी की हत्या के 6 आरोपियों की रिहाई का आदेश दिया था। तीन दशक तक जेल में रहने के दौरान 2 जजों की बेंच ने आरोपियों के आचरण का हवाला देते हुए उन्हें रिहा करने का आदेश दिया था ।

    इस मामले में निराशा जाहिर करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि दोषियों को समय से पूर्व रिहा कर दिया गया,जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए था। बघेल ने कहा कि इससे कांग्रेस वर्कर्स और भारत की जनता की भावनाओं को ठेस पहुंची है।

    21 मई 1991 को हुई थी राजीव गांधी की हत्या

    21 मई 1991 को हुई थी राजीव गांधी की हत्या

    गौरतलब है कि भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या 21 मई 1991 को की गई थी । तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में चुनावी रैली के मध्य एक महिला आत्मघाती हमलावर ने खुद को ब्लास्ट से उड़ा लिया था। इसमें पूर्व पीएम राजीव गांधी मारे गए थे। इस हत्या की साजिश रचने के आरोपी नलिनी श्रीहरन, आरपी रविचंद्रन, जयकुमार, संथन, मुरुगन, रॉबर्ट पायस और एजी पेरारीवलन को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया था। तमिलनाडु के श्रीपेरंबुदूर में इस हत्याकांड को एक महिला ने अपने हमलावर धनु ने रैली के दौरान अंजाम दिया था।

     अनुच्छेद-142 का उपयोग करते हुए किया गया रिहा

    अनुच्छेद-142 का उपयोग करते हुए किया गया रिहा

    बताया जाता है कि वह महिला श्रीलंकाई लिबरेशन टाइगर्स ऑफ़ तमिल ईलम से जुड़ी हुई थी। पेरारिवलन के प्रकरण में न्यायमूर्ति एल. नागेश्वर राव की अध्यक्षता वाली बेंच ने अनुच्छेद-142 के तहत अपने विशेषाधिकार का उपयोग किया था। पेरारिवलन को रिहा करने का आदेश देते हुए अदालत ने कहा था, राज्य मंत्रिमंडल ने प्रासंगिक विचार और विमर्श के आधार पर रिहाई का निर्णय किया था। अनुच्छेद-142 का उपयोग करते हुए, दोषी को रिहा किया जाना सही होगा।

    श्रीहरन उर्फ मुरुगन भी रिहा

    श्रीहरन उर्फ मुरुगन भी रिहा

    इधर राजीव गांधी हत्याकांड में दोषी नलिनी श्रीहरन को शनिवार जेल से रिहा कर दिया गया है। वेल्लोर में महिलाओं की विशेष जेल से रिहा होने के तत्काल बाद नलिनी वेल्लोर सेंट्रल जेल पहुंची , जहां से पति वी श्रीहरन उर्फ मुरुगन की रिहाई की गई। मुरुगन के अतिरिक्त इस प्रकरण में अन्य दोषी संथन को रिहाई के पश्चात पुलिस वाहन में प्रदेश के तिरुचिरापल्ली स्थित विशेष शरणार्थी शिविर ले जाया गया।

    कल प्रेस कांफ्रेंस करेंगी नलिनी

    कल प्रेस कांफ्रेंस करेंगी नलिनी

    अपनी रिहाई के बाद नलिनी श्रीहरन ने कहा कि मैं तमिलनाडु की जनता शुक्रगुजार करती हूं, जिन्होंने 32 वर्ष तक मेरा साथ दिया। मैं राज्य और केंद्र सरकार दोनों को धन्यवाद कहना चाहती हूं। इसके बारे में आगे कल चेन्नई में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान बोलूंगी।इसी दौरान मेरे वकील भी अपनी बात रखेंगे। वेल्लोर में नलिनी श्रीहरन के भाई बकियानाथन ने कहा कि र हमारा परिवार बेहद बहुत खुश हैं। नलिनी अपने परिवार के साथ एक आम जीवन जीने जा रही है।

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