आदिवासी क्षेत्रों की उपेक्षा का परिणाम है नक्सलवाद: अरूण जेटली
रायपुर।
राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरूण जेटली ने कहा है कि केंद्र सरकार द्वारा आदिवासी क्षेत्रों की उपेक्षा के कारण ही नक्सलवाद जैसी समस्या पैदा हो गयी है। कांग्रेस सरकार के पास इसे खत्म करने की कोई ठोस योजना नहीं है बल्कि भाजपा शासित छत्तीसगढ़ की सरकार ने दिखा दिया है कि इस समस्या से कैसे निपटना है। id="toptextpromo">जेटली
ने कांग्रेस नेताओं की निंदा करते हुए कहा कि उन्होने नक्सलवाद के खिलाफ कोई सीधी कार्रवाई नहीं की, इस संदर्भ में सिर्फ कथन जारी कर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर ली। उन्होने सोनिया गांधी के उस पत्र का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होने इस बात को माना था कि आदिवासी क्षेत्रों की उपेक्षा के कारण नक्सलवाद की समस्या सामने आयी है। id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'> id='top-searched-articles'>उन्होने
कहा कि सब्जियों और पेट्रोलियम पदार्थों के लगातार बढ़ते दामों के कारण ही आज आमआदमी कांग्रेस के खिलाफ है। जेटली ने कहा कि 2003 के बाद भाजपा सरकार के नेतृत्व में प्रदेश की विकास दर दोहरे अंको में पहुंच गयी है। छत्तीसगढ़ की योजना खाद्य सुरक्षा बिल, केंद्र की योजना से कहीं बेहतर है और इससे ज्यादा लोगों को लाभ मिला है, साथ ही उन्होने उम्मीद जताई की आने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा फिर से राज्य में जीत हासिल करने में कामयाब रहेगी।











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