CM बघेल ने आगामी त्यौहारों को लेकर अधिकारियों को दिए कई निर्देश, तिरंगा अभियान पर कही ये बात

रायपुर, 19 अगस्त। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ के नागरिकों से अपील की है कि हमर तिरंगा अभियान के सफलतापूर्वक समापन के बाद वे अब अपने-अपने घरों, दुकानों, संस्थानों में फहराए गए राष्ट्रीय ध्वज को सम्मान से उतारकर और समेटकर जतनपूर्वक रख लें, ताकि उचित अवसर पर ध्वज को पुनः फहराया जा सके। बघेल ने कहा है कि स्वतंत्रता की 75 वीं वर्षगांठ पर 11 से 17 अगस्त तक प्रदेश में स्वतंत्रता सप्ताह का आयोजन किया गया था।

CM baghel

इस सप्ताह के दौरान प्रदेशवासियों ने हमर तिरंगा अभियान में उत्साह के साथ भाग लिया और अपने-अपने घरों, दुकानों, संस्थानों में राष्ट्रीय ध्वज फहराकर राष्ट्रीय एकजुटता का परिचय दिया। उन्होंने इस अभियान की सफलता के लिए प्रदेशवासियों को बधाई दी है। बघेल ने कहा है कि हमर तिरंगा अभियान अब पूरा हो चुका है। मेरी सभी से अपील है कि अब वे राष्ट्रीय ध्वज को सम्मान उतार कर और समेट कर जतन से रख लें, ताकि उचित अवसर पर इसका फिर से उपयोग किया जा सके। जो झंडे किसी कारणवश फट गए हों, उनका सम्मान निस्तारण किया जाना आवश्यक है।

वहीं, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जनमानस के व्यापक हित एवं सुविधा को ध्यान में रखते हुए आगामी विभिन्न त्यौहारों एवं सार्वजनिक उत्सवों के आयोजन हेतु नगरीय क्षेत्रों में सभी आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा समस्त कलेक्टरों, नगर निगम आयुक्तों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को पत्र लिखकर आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

पत्र में उल्लेखित है कि तीज, गणेश विसर्जन, दुर्गा पूजा, पितृमोक्ष- अमावस्या एवं अन्य त्यौहारों के लिए सार्वजनिक आयोजनों हेतु तालाबों / घाटों पर साफ-सफाई की व्यवस्था, ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव, फागिंग, शुद्ध पेयजल आदि की समुचित व्यवस्था की जावे। गणेश विसर्जन, दुर्गा पूजा एवं अन्य सार्वजनिक त्यौहारों के अवसर पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल एवं राज्य शासन द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों का पालन किया जावे। तालाबों / घाटों पर विसर्जन के पूर्व पूजन सामग्री को अलग-अलग कर उपयुक्त स्थल पर रखा जावे।

नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल के निर्देशानुसार नदी में मूर्तियों का विसर्जन किसी भी परिस्थिति में न किया जावे। नदी के जल को दूषित होने से बचाया जावे। नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल के निर्देशानुसार ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण रखने हेतु जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन से समन्वय स्थापित करते हुए आवश्यक कार्यवाही की जावे । प्लॉस्टर ऑफ पेरिस तथा अन्य प्रतिबंधित सामग्री से बनी मूर्तियों के निर्माण को रोकने हेतु आवश्यक कार्यवाही की जावे।आयोजन स्थलों के समीप यथा संभव मोबाईल मेडिकल यूनिट की व्यवस्था की जावे।

मूर्ति विसर्जन हेतु रूट का चयन न्यूनतम यातायात बाधा के आधार पर किया जावे। आयोजन स्थलों पर आवश्यक प्रकाश की व्यवस्था सुनिश्चित की जावे । संपूर्ण शहर में आवारा मवेशियों को पकड़कर कांजी हाऊस में भेजा जावे, जिससे यातायात व्यवस्था सुगम बनी रहे । जनमानस की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की जावे, जिससे शहरों में सार्वजनिक उत्सवों का आयोजन हर्षोउल्लास एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में किया जा सके। उपरोक्त दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

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