100 मीटर दूर से सांप को सूंघ लेता है शंकर

जिले के ग्राम सिलयारी निवासी मोहम्मद शंकर नामक इस सपेरे का कहना है कि करीब तीन साल से रायपुर जिले के अलावा कई जगहों पर जाकर लोगों से सांप के रहने की जगह पूछता है और वहीं से तुरंत बीन बजाकर सांप को पकड़कर ले आता है और गांव में खेल दिखाकर सांप को जंगल में छोड़ आता है। यह उसका रोज का काम है। यह सपेरा इन दिनों समीपस्थ ग्राम पिसीद में लोगों को अपना खेल दिखा रहा है।
मिट्टी की गंध सूंघ कर बताता है
समीपस्थ ग्राम पिसीद निवासी कुछ प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सांप जिस जगह पर रहता है उस स्थान को शंकर करीब 50 से 100 मीटर दूर से वहां की मिट्टी की गंध सूंघकर पहचान लेता है और उस स्थान पर जाकर बीन बजाता है। फिर सांप बाहर निकल आता है। रविवार को ऐसे ही तीन बड़े जहरीले नागों को पकड़कर उसने खेल दिखाया जो लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
सपेरे शंकर का कहना है कि सांप जब बिल में घुसता है तो उसके पेट का निशान मिट्टी पर पड़ता है। उस जगह से गंध उसकी नाक में आ जाती है। इसी से पहचान कर सांप की जगह तक पहुंच जाता है और उसे पकड़ लेता है। यह विद्या उन्होंने बंगाल के अपने गुरु से सीखा है। वह करीब तीन वर्ष से अनेक गांवों में जाकर लोगों को यह खेल दिखाता चला आ रहा है।
सांप पकड़ने का काम
उसने बताया कि वह सांप पकड़ने का काम आषाढ़ से कार्तिक माह तक ही करता है। इस बीच प्रत्येक वारों का भी समय रहता है। जैसे रविवार को सुबह 6 से 9 बजे तक, गुरुवार और शुक्रवार को दिनभर तथा बाकी दिनों में एक या दो घंटे का समय रहता है। उसी बीच में सांप पकड़ते हैं।
वह रोजाना करीब 3 से 5 सांप पकड़ लेता है और लोगों को खेल दिखाने के बाद उसे जंगल में छोड़ देता है। उसने लोगों को सांप डसने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लेने और उसी के अनुसार दवाई का उपयोग करने की बात कही।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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