जहां सूरज की रोशनी नहीं पहुंचती, वहां के देवानंद ने की हवाई सैर, CG के 125 Students ने की Helicopter ride
शनिवार छत्तीसगढ़ के कुछ बच्चों के लिए बेहद ही खास दिन साबित हुआ ,अपनी आंखों से उन्होंने आसमान में तैरते बादलों को पास से देखा।
रायपुर, 08 अक्टूबर। शनिवार छत्तीसगढ़ के कुछ बच्चों के लिए बेहद ही खास दिन साबित हुआ ,अपनी आंखों से उन्होंने आसमान में तैरते बादलों को पास से देखा। दरअसल मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हाल ही में अपने भेंट मुलाकात कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ में पहली बार कक्षा 10वीं और 12वीं के मेधावी बच्चों को अनूठे अंदाज में सम्मानित करते हुए,उन्हें हेलीकॉप्टर राइड कराने की घोषणा की थी। छत्तीसगढ़ के कोने -कोने से राजधानी रायपुर पहुंचे छात्र छात्राओं में हवाई सैर को लेकर उत्साह देखते ही बन रहा था।

125 बच्चों ने की हवाई सैर
शनिवार सुबह रायपुर में छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की वर्ष 2022 की वार्षिक परीक्षा में कक्षा 10वीं और 12वीं में प्रावीण्य सूची बनाने वाले 125 छात्र-छात्राओं ने हेलीकॉप्टर राइड या कहें जायराइड का आनंद लिया। छत्तीसगढ़ सरकार के 7 सीटर हेलीकॉप्टर में एक बार में 7 विद्यार्थी आसमानी सैर पर निकले। सभी बच्चों के लिए हेलीकॉप्टर में बैठना किसी सपने से कम नहीं था।

18 बार आसमान में उड़ा हेलीकॉप्टर
दरअसल मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की घोषणा की थी कि 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा के परिणामों में प्रवीण्य सूची में स्थान बनाने वाले छात्र-छात्राओं को छत्तीसगढ़ सरकार हेलीकॉप्टर की सैर कराएगी, इसलिए शनिवार को छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की साल 2022 की वार्षिक परीक्षा में कक्षा 10वीं के 90 और कक्षा 12वीं के 35 विद्यार्थियों ने प्रवीण्य सूची में स्थान पाने वाले बच्चे रायपुर पहुंचे। इस प्रकार इन 125 विद्यार्थियों को हेलीकॉप्टर में सैर करवाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार का हेलिकॉप्टर 18 बार उड़ान भरकर आसमान में गया। बच्चों को हवाई यात्रा करवाने से पहले माध्यमिक शिक्षा मंडल ने उनके अभिभावकों से हस्ताक्षर युक्त सहमति पत्र मांगा था।

देवानंद ने खिंचा सबका ध्यान
हवाई यात्रा करने का अपना सपना पूरा करने वाले में छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और दूरस्थ अंचलो में रहने वाले होनहार भी शामिल थे। सभी बच्चों के लिए यह पल बेहद खास था,लेकिन अबूझमाड़ से पहुंचे आदिवासी देवानंद कुमेटी ने सबका ध्यान अपनी तरफ खींचा। देवांनद ने बताया कि वह नक्सल प्रभावित जिले नारायणपुर के अमूझमाड़ का रहने वाला है और उसने रामकृष्ण मिशन आश्रम में पढ़कर कक्षा दसवीं में विशेष पिछली जनजाति श्रेणी में पूरे छत्तीसगढ़ में प्राप्त किया है। उनसे कहा कि अबूझमाड़ एक जंगली ऐसा इलाका है,जहां आसानी से टू व्हीलर तक नहीं जा सकती,जहां कई स्थान ऐसे भी हैं,जहां सूरज की रोशनी भी नहीं पहुंच पाती। देवानंद ने कहा कि वह अपना सपना पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का धन्यवाद चाहता है।

मंत्री टेकाम भी पहुंचे
इससे पहले स्कूली बच्चों को हवाई सैर करवाने के लिए प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ.आलोक शुक्ला एवं सचिव भारतीदासन हेलीपैड पहुंचे। यहां उन्होंने मेधावी छात्रों से मुलाकात की और उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
हेलीकॉप्टर की जॉयराइड से लौटने के बाद मेधावी छात्रा अंजुम ने बताया कि बहुत एक्साइटमेंट था, बहुत मजा आया, मैंने आज हेलीकॉप्टर की राइड की, मुख्यमंत्री जी को बहुत बहुत धन्यवाद। वहीं दामिनी वर्मा ने बताया कि ऐसा लग रहा है कोई बड़ा सपना पूरा हो गया है, मैं बहुत खुश हूं।

5 मई को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने की थी घोषणा
उल्लेखनीय है कि भेंट-मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 5 मई को घोषणा की थी कि इस बार कक्षा 10वीं और 12वीं के टॉपरों को हेलीकॉप्टर की सैर कराएंगे। मुख्यमंत्री की इसी घोषणा पर अमल करने 8 सितंबर को सुबह 8 बजे से मेधावी विद्यार्थियों को हेलीकॉप्टर की जायराइड कराई गई।












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