छत्तीसगढ़: BJP नेता पर शराब तस्करी के आरोप,पार्टी ने बताया साजिश, कांग्रेस बोली, शराब तस्कर को बचा रही भाजपा
छत्तीसगढ़ में शराब के मामले को लेकर सत्तारूढ़ कांग्रेस और भाजपा एक बार आमने सामने हैं। दरअसल 21 सितम्बर की रात को छत्तीसगढ़ पुलिस ने 13 लीटर शराब के साथ पाटेकोहरा चेकपोस्ट पर भारतीय जनता पार्टी के युवा नेता जयराम दुबे को पक
रायपुर, 22 सितंबर। छत्तीसगढ़ में शराब के मामले को लेकर सत्तारूढ़ कांग्रेस और भाजपा एक बार आमने सामने हैं। इस बार आरोप सत्ता पक्ष पर नहीं बल्कि विपक्ष पर लगे हैं। दरअसल 21 सितम्बर की रात को छत्तीसगढ़ पुलिस ने 13 लीटर शराब के साथ पाटेकोहरा चेकपोस्ट पर भारतीय जनता पार्टी के युवा नेता जयराम दुबे को पकड़ा है। भाजपा नेता पर आरोप हैं कि वह महाराष्ट्र से छत्तीसगढ़ में शराब तस्करी कर रहे थे। इस मामले के सामने आते ही भाजपा जयराम दुबे के बचाव में सामने आ गई है,वहीं कांग्रेस भाजपा को आड़े हाथों ले रही है।

पकड़ी 10 हजार की शराब
दरअसल बुधवार को राजनांदगांव पुलिस ने भारतीय जनता पार्टी के सूचना के अधिकार प्रकोष्ठ से जुड़े रायपुर निवासी जयराम दुबे को शराब तस्करी मामले में गिरफ्तार कर किया है। पुलिस का कहना है कि उसने भाजपा नेता के पास से 10 हजार की अनुमानित कीमत की 14 बोतल शराब बरामद की है। यह घटना छुरिया थाना के निकट चिचोला चौक पर परिवहन नाका के पास कार चैकिंग के दौरान घटी। पुलिस का कहना है कि उन्हें मुखबिर के माध्यम से शराब के अवैध परिवहन के संबंध में सूचना मिली थी।

भाजपा के आरोप, कार में लिखा था BJP इसलिए फंसाया
भाजपा इस गिरफ्तारी के बाद जयराम दुबे के बचाव में सामने आ गई है। गुरुवार को भाजपा कार्यालय में पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता केदार गुप्ता, नलिनेश ठोकने और भाजपा RTI प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक डॉ. विजय शंकर मिश्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करके पुलिस की कार्रवाई को गलत बताया।
भाजपा नेताओ ने कहा कि जयराम दुबे सूचना का अधिकार कानून का इस्तेमाल करके कांग्रेस सरकार की पोल खोल रहे थे।इसके कारण उन्हें साजिशन फंसाया गया है। भाजपा नेताओं ने कहा कि जयराम दुबे नागपुर से रायपुर लौट रहे थे। उनकी कार पर सूचना का अधिकार प्रकोष्ठ-भाजपा लिखा हुआ है,यही देखकर करीब 3 दर्जन पुलिसवालों ने उनको रोककर कार की डिक्की खुलवाई।

गोबर घोटाला किया था उजागर इसलिए की गई साजिश: BJP
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस वालों ने खुद ही जयराम दुबे की गाड़ी में शराब की बोतलें रखकर बैरीकेट तक ले गए,जहां शराब जब्ती का नाटक करके आबकारी कानून के तहत मामला झूठा मुकदमा दर्ज करके उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि भूपेश सरकार बीजेपी कार्यकर्ताओं को इसी प्रकार झूठे मामलों में फंसा रही है। भारतीय जनता पार्टी ने इस मामले में सीएम भूपेश बघेल से उच्चस्तरीय जांच करके कथित तौर पर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग भी की है।
भारतीय जनता पार्टी की आरटीआई प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक डॉ. विजय शंकर मिश्रा ने कहा कि जयराम दुबे ने सुचना के अधिकार के माध्यम से जानकारी जुटाकर कांग्रेस सरकार का गोबर खरीदी घोटाला उजागर किया था। इसी प्रकार आबकारी विभाग के भ्रष्टाचार और कोरोना दवा खरीदी से जुड़ी गड़बड़ियों का भी खुलासा किया था,इसीलिए कांग्रेस सरकार उन्हें साजिशन फंसा रही है।

कांग्रेस बोली, शराब तस्कर को बचा रही भाजपा
इधर भाजपा के आरोपों पर जवाब देने के लिए कांग्रेस ने भी प्रेस कांफ्रेस आयोजित करके जवाब दिया। कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला , प्रवक्ता आरपी सिंह ने जॉइंट प्रेस कांफ्रेंस करके भाजपा को शराब तस्करी करने वालो को बचाने वाली पार्टी बताया। कांग्रेस नेता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि कार में शराब की मिलने के बाद भाजपा नेता को शराब तस्करी करते पकड़ा गया है।
शुक्ला ने आगे कहा कि शराब तस्कर को बचाने भाजपा के नेता प्रेसवार्ता कर रहे हैं और शराब तस्कर को आरटीआई एक्टिविस्ट बताया जा रहा है। सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि जयराम दुबे को भाजपा के बड़े नेता संरक्षण दे रहे हैं। इससे पहले भी कई भाजपा के कार्यकर्ता शराब तस्करी करते पकड़े जा चुके हैं। वहीं प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा कि शराब तस्करी का मामला सामने आने के बाद जयराम को भाजपा से निलंबित करना था,लेकिन भाजपा इस मामले में भाजपा कार्रवाई नहीं कर रही है।

राज्यसभा का नामांकन फार्म खरीद कर आये थे जयराम दुबे सुर्ख़ियों में
हाल ही में राज्यसभा चुनाव के दौरान जयराम दुबे चर्चाओं में आये थे। सोशल मीडिया में काफी सक्रिय रहने वाले युवा नेता जयराम दुबे ने राज्यसभा चुनाव लड़ने के लिए नामांकन फार्म खरीद लिया था। उनका कहना था कि वह पार्टी की तरफ से नही बल्कि स्वतंत्र रूप से राज्यसभा का चुनाव लड़ना चाहते हैं। जयराम दुबे का कहना था कि कांग्रेस लगातार छत्तीसगढ़ के बाहर के नेताओ को राज्यसभा भेज रही है ,भले की भाजपा के पास चुनाव जीतने के लिए पर्याप्त मांत्रा में विधायक नहीं है,लेकिन वह संदेश देना चाहते हैं कि छत्तीसगढ़ की सीटों पर राज्य के नेताओं को ही राज्यसभा जाना चाहिए।
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