नेत्रहीन यवनिका बनी BA LLB टॉपर, चीफ जस्टिस ने सम्मान में खड़े होकर बढ़ाया हौसला
कहते है कि मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है, पंख से कुछ नहीं होता , हौंसलों से उड़ान होती है।
रायपुर, 31 जुलाई। कहते है कि मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है, पंख से कुछ नहीं होता , हौंसलों से उड़ान होती है। यह कविता हम अक्सर ही सुनते आए हैं, लेकिन इसे दिल्ली की रहने वाली दृष्टिहीन छात्रा यवनिका ने साबित करके दिखाया है । यवनिका रायपुर के हिदायतुल्ला नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी से बीएएलएलबी (आनर्स) 2021 बैच की टापर हैं । इन्होंने प्रोफेशनल एथिक्स में गोल्ड मेडल हासिल किया है। यवनिका को यह गोल्ड मेडल यूनिवर्सिटी के पांचवें दीक्षांत समारोह में चीफ जस्टिस आफ इंडिया की मौजूदगी में प्रदान किया गया।

परेशानी ना हो इसके लिए मां ने छोड़ दी अपनी नौकरी
यवनिका दृष्टिहीन छात्रा हैं, लेकिन उन्होंने इसे कभी भी अपनी कमजोरी नहीं माना , बल्कि उनके हौंसले उन्हें उड़ान भरने के लिए लगातार प्रेरित करते रहे। दिल्ली की रहने वाली यवनिका के पिता भारतीय रेल सेवा में अधिकारी हैं और मां स्पेशल एजुकेटर के तौर पर काम कर रही थीं। यवनिका ने निर्णय लिया कि वह कानून की पढ़ाई करेंगी। यवनिका ने रायपुर के हिदायतुल्ला नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया। यवनिका को कोई परेशानी ना हो इसके लिए उनकी मां ने अपनी नौकरी छोड़ दी और यवनिका के साथ ही रायपुर में पांच साल तक रहीं।

एलएलएम में लिया दाखिला
अपने मंजिल को पाने मे यवनिका ने अपनी पूरी जान लगा दी और आखिरकार वह इसमें सफल भी हुईं। इतना ही नहीं यवनिका ने खुद के लिए नई मंजिल तय की है और इसे पाने के लिए वह नेशनल ला कालेज बंगलौर में एलएलएम कोर्स में दाखिला लेकर पढ़ाई भी कर रही हैं। यवनिका का कहना है कि रायपुर की 5 साल की जर्नी में कालेज, फैकल्टी और साथी स्टूडेंट्स ने उसका बहुत समर्थन किया जिसके लिए वह हमेशा उनकी आभारी रहेगी।

गोल्ड मेडल मिलते वक़्त सभी हो गए खड़े
यवनिका का कहना है कि माता पिता पृथ्वी पर भगवान का रूप हैं और उनका आशीर्वाद के बिना जीवन में किसी भी लक्ष्य को पाना मुमकिन नहीं था। यवनिका ने हमेशा ही अपनी मेहनत और काबीलियत पर विश्वास रखा और अपने लक्ष्य को हासिल किया। यवनिका के जुझारू पन के सम्मान में उनको गोल्ड मेडल देते समय जीफ जस्टिस एन वी रमणा और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत सभी अतिथियों ने अपनी जगह पर खड़े होकर उनका उत्साह बढ़ाया।

23 छात्र छात्राओं को 66 गोल्ड मेडल
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में रविवार को देश के सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति न्यायमूर्ति एन वी रमणा हिदायतुल्ला नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के पांचवें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रुप में शामिल हुए। दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए सीजेआई श्री रमणा ने छात्रों से कहा कि आप सभी के पास एक विजन होना चाहिए और उसे पाने के लिए आप सभी के भीतर जोश और जज्बा होना चाहिए। सीजेआई रमणा ने छात्रो से कहा कि आप सभी इस देश के लिए अनमोल हैं और हम सभी को टेलेन्डेट माइन्ड्स को सही दिशा मे ले जाने की जरूरत है।
दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री बघेल ने हिदायतुल्ला नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के जर्नल लॉ एंड सोशल साइंस के छठें संस्करण का विमोचन करते हुए गोल्ड मेडलिस्ट छात्रो को उपाधि वितरित की एवं उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
रायपुर के हिदायतुल्ला नेशनल लॉ युनिवर्सिटी के पांचवे दीक्षांत समारोह के अवसर पर दो शोधार्थियों को डाक्टर आफ फिलासाफी की उपाधि प्रदान की गयी। इसके अलावा कुल 23 छात्र छात्राओं को 66 गोल्ड मेडल के सम्मान से सम्मानित किया गया। 6 गोल्ड मेडल्स के साथ वर्ष 2020 बैच के अंकित पाल एवं 11 गोल्ड मेडल्स के साथ वर्ष 2021 बैच की पल्लवी मिश्रा ओवरआल टापर रहे।
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