420 करते-करते बन गया साधु, 10 साल बाद गांव वालों ने पहचाना, जेल की हवा खिलाई
रायबरेली। यूपी के रायबरेली में जालसाजी की खातिर महिला को मां के भेष में खड़ा कर लाखों की ठगी करने वाला शख्स हत्थे चढ़ा है। अपनी करतूतों के बाद वह साधु बन गया था, लेकिन 10 साल बाद अंतत: पहचान लिया गया। उसे गांव के ही लोगों ने घेर लिया। पिटाई के बाद पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस ने उसे जेल की हवा खिलाई है।

जानकारी के मुताबिक, महराजगंज तहसील क्षेत्र के कन्नावा गांव यह एक साधु देखा गया। उस साधु पर लोगों को संदेह हुआ। पता चला कि वह तो वही शख्स है जिसने एक ज़मीन का बैनामा कराकर लाखों की ठगी की थी। अपनी करतूत के बाद उसनें साधु का रूप धारण कर लिया था, मगर अब वह गांव वालों की आंखों से बच नहीं सका।
बताया जा रहा है कि करीब दस वर्ष पूर्व लापता हुए कन्नावा निवासी राममिलन पुत्र शक्तिदीन की पत्नी कृष्णावती ने 2007 में गांव के ही इरशाद अली पुत्र गुलाम अली पर अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। जिस पर इरशाद अली को 4 माह 14 दिन जेल काटनी पड़ी। मुकदमा भी चल रहा है। इसी बीच गुरुवार को तहसील आए इरशाद अली ने बताया की 10 वर्ष पूर्व राममिलन ने अपनी माता की जगह दूसरी महिला को खड़ा कर दो बीघा जमीन का बैनामा 1 लाख 60 हजार मे कर फरार हो गया। जिस पर उसकी पत्नी ने बेकसूर होने के बावजूद अपहरण का मुकदमा दर्ज करा जेल भेजवा दिया। अभी 4 दिन पूर्व बाबा का वेश रख राममिलन गांव आया, जिस पर उसे पहचान लिया गया। उसे दबोचने के बाद बछरावा थाने को सूचना दी गयी। जहां से जेल भेज दिया गया।












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